Page 61 - Mann Ki Baat (Hindi)
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रूमाल, चादरो, कुशन किरो औरो टेबल   में जीआई प्माणपत्र प्ाप्त करोने के बाद
          रोनरो आवद में रूपांतररोत वक्या जाता है।   कारोीिरोों को कई तरोह से लाभ हुआ है,
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                                                                      ु
          इसकी  समद्  विरोासत  ने  ऐवतहावसक   जैसे वक प्ामावणकता, नकल से सरोक्ा,
          कवठनाइ्यों का सामना वक्या है औरो ्यह   ब्ाड ि्क्यू के कारोण बेहतरो म्क्य औरो
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                                                                   ू
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          ित्श्िक मान््यता प्ाप्त एक कुटीरो उद्ोि   नए घरोेलू औरो अंतरोरोाष्ट्ी्य बािारोों तक
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          के  रूप  में  विकवसत  हुई  है,  वजसका   पहँच।
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          अमेररोका, वब्टेन औरो फ्रास जैसे दशों में   मबणपुर की हस्तकला: सुदूर िावों
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          कािी वन्यामात होता है।            से राष्ट्ीय िाज़ारों तक
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              नरोसापरोम लेस के वलए जीआई टटैि   मवणपरो  में  बाँस  औरो  लकिी  स  े
          एक क्रांवतकारोी बदलाि लेकरो आ्या है।   बनी पारोम्पररोक हस्तकलाएँ लम्ब सम्य
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          भौिोवलक संकेत (GI) टटैि वकसी उ्वपाद   से रोोिमरोामा की विदिी का वहस्सा रोही
          को उसके मूल स्थान से कानूनी रूप   हैं-  इनका  उप्योि  भंडारोण,  खेती,
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          से जोिता है, वजससे उसकी विवशष्टता   अनुष्ठानों औरो िास्तकला में वक्या जाता
          औरो प्वतष्ठा सरोवक्त रोहती है। 2024   है। कारोीिरो टोकररो्याँ, थावल्याँ, टोवप्याँ,
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