Page 66 - Mann Ki Baat (Hindi)
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        माननी्य  प्धानमत्री  ने  बता्या  “वपछल  े  साथ िुजरोाती िरोबा औरो डावड्या देखत  े
        एक महीने में 2 लाख से ज़््यादा लोि   हैं तो ‘एक भारोत, श्ष्ठ भारोत’ की तस्िीरो
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        रोणो्वसि का वहस्सा बन चुके हैं।” देश   औरो भी साफ़ औरो ़िूबसरोत हो जाती
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        के  कोने-कोने  से  औरो  दवन्या  भरो  स  े  है।
        लोि ्यहाँ आते हैं।                    रोण  उ्वसि  कच्छ  की  बेहतरोीन
            ्यहाँ  बनी  ‘टेंट  वसटी’  अपने-आप   चीिों को एक धािे में वपरोोता है। ्यहा  ँ
                                                                 ु
        में  एक  अनोखा  आकषमाण  है।  हिारोों   आप  पारोम्पररोक  वमट्ी  के  ‘भिा’  घरोों,
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        लोि एक साथ रोहते हैं, एक-दूसरोे की   ना्याब हैंडीक्राफ्ट औरो स्थानी्य व््यजनों
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        संस्ककृवत को जानने की कोवशश करोते हैं   के  िा्यक़ोे  का  ल्वि  उठा  सकते  हैं।
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        औरो नए ररोश्त बनाते हैं। जब कश्मीरोी,   ्यहाँ की एडिेंचरो एत्क्टविटीि, क्कचरोल
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        बिाली औरो दवक्ण भारोती्य प्यमाटक एक   परोिॉममेंस औरो लाइट-एंड-साउंड शो,



















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