Page 64 - Mann Ki Baat (Hindi)
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रण उत्सव
भारोत की जीिंत संस्कवत का जश्न
कृ
िरोा सोवचए, जहाँ तक आपकी निरो जाए, बस सफ़ेद िमीन औरो नीला आसमान
वदखाई दे रोहा हो। जहाँ ़िामोशी में भी सिीत हो औरो बंजरो िमीन परो भी रोिों का मेला
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लिा हो। ्यह कोई सपना नहीं बत््कक िुजरोात के कच्छ का ‘रोण उ्वसि’ है। ्यह वसफ़्फ
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एक ्व्योहारो नहीं बत््कक प्ककृवत, संस्ककृवत औरो मानिता की ़िूबसरोती का एक बवमसाल
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सिम है।
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हरो साल सवदमा्यों में कच्छ का रोविस्तान एक अलि आकषमाक रूप धारोण करो लेता
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है। माननी्य प्धानमत्री नरोन्द्र मोदी ने अपने ‘मन की बात’ में वब्ककुल सही कहा है वक
हमारोे देश की सबसे ़िास बात ्यह है वक ्यहाँ साल भरो उ्वसि का माहौल बना रोहता
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है। ‘रोण उ्वसि’ इसी किी में भारोत की विविधता को दवन्या के सामने पेश करोने िाला
एक शानदारो माध््यम है।
क़ुदरत का कररश्मा: स़िेद रण
कच्छ के रोण को देखना वकसी जादू भरोे एहसास से कम नहीं है। वदन के उजाल े
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में नमक से ढका ्यह रोविस्तान सरोज की रोोशनी में हीरोे की तरोह चमकता है। लवकन
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