Page 63 - Mann Ki Baat (Hindi)
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हुए वकसानों के वलए अवधक वटकाऊ के बजा्य एक व््यिहा्यमा उद्म में बदल
ृ
औरो लाभकारोी आजीविका सवजत करोन े वद्या है।” स्थानी्य रूप से उिाई जान े
का अिसरो वमला।” िाली िूलों की वकस्मों को प्ाप्त करोके
वमट्ी, ऋतुओं, जलिा्यु औरो िसल औरो वकसानों को सीधे बेहतरो बािारोों
की देखभाल के बारोे में उनकी पारोम्पररोक से जोिकरो, उनकी पहल ने सेनापवत
ृ
समझ निाचारो की नींि बनी। िे बताती विले में आ्य में िवद् की है औरो स्थानी्य
ु
हैं, “इस ज्ान ने मुझे आधवनक पद्वत्यों रोोििारो सवजत वक्या है।
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को अपनाते सम्य सोच-समझकरो वनणमा्य आंध्र प्देश औरो मवणपरो की ्य े
ु
लेने में मदद की। पारोम्पररोक ज्ान को कहावन्याँ वमलकरो एक व््यापक रोाष्ट्ी्य
निाचारो औरो बािारो-उन्मख दत्ष्टकोणों आंदोलन को दशामाती हैं, जहाँ भारोत
ु
ृ
के साथ वमलाकरो मैं उ्वपादकता बढ़ाने, की पारोम्पररोक कलाओं औरो कौशलों
जोवखमों को कम करोने औरो धीरोे-धीरो े को आवथमाक प्िवत के इंजन के रूप
वटकाऊ तरोीके से काम का विस्तारो में पुनजथीवित वक्या जा रोहा है। चाह े
ु
करोने में सक्म हुई।” िह नरोसापरोम लेस की विरोासत हो,
ु
ू
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िे कहती हैं वक पुष्पककृवष ने समुदा्य मवणपरो के दरोदरोाज के िािों में बाँस
में ठोस बदलाि वक्या है। “पारोम्पररोक औरो लकिी के हस्तवश्कप का पुनरुद्ारो
िसलों की तुलना में अवधक औरो ्विररोत हो, ्या पुष्पककृवष के माध््यम से ककृवष का
प्वतिल प्दान करोके इसने आ्य के नए रूपांतरोण हो, प््व्यक पहल ्यह दशामाती
े
औरो वटकाऊ अिसरो पैदा वकए हैं। इसन े है वक निाचारो, उद्वमता औरो नीवतित
िषमा भरो आजीविका प्दान की है औरो समथमान से पारोम्पररोक कौशल वकस
वकसानों, विशेष रूप से मवहलाओं औरो प्कारो सम्मानजनक आजीविका औरो
्यिाओं को सशक्त बना्या है, क््योंवक समािेशी विकास का सृजन करो सकत े
ु
इसने िूलों की खेती को वनिामाह खेती हैं।
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