Page 57 - Mann Ki Baat (Hindi)
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होते ही एंटीबा्योवटक लेना बंद करो देना;
बची हुई एंटीबा्योवटक दिाओं को भविष््य
ें
म उप्योि के वलए सम्भाल करो रोखना;
पररोिारो के सदस््यों के साथ एंटीबा्योवटक
दिाएँ साझा करोना; वबना वचवक्वसक की
े
सलाह के परोाना पचामा इस्तमाल करोना;
ु
तथा ग़लत ़िुरोाक ्या अवन्यवमत सम्य
परो दिा लेना। ऐसा करोने से एंटीबा्योवटक
ें
दिाओं के वलए शरोीरो म प्वतरोोध बढ़ता ह ै
्यानी दिा बेअसरो हो जाती है औरो उपचारो
वििल होने का जोवखम बढ़ जाता है।
ें
हरो बीमारोी म एंटीबा्योवटक डॉक्टरो के वबना बताए एंटीबा्योवटक्स
दिाओं की िरूरोत नहीं होती। हमारो े लेना अप्भािी, हावनकारोक औरो ़ितरोनाक
ं
माननी्य प्धानमत्री ने भी आह्ान वक्या हो सकता है—्यह िम्भीरो बीमारोी के लक्ण
े
ें
है वक ‘मवडसन के वलए िाइडस औरो तक वछपा सकता है, शरोीरो म दष्प्भाि
ु
ें
एंटीबा्योवटक्स के वलए डॉक्टरो की िरूरोत पैदा करो सकता है औरो शरोीरो म दिा के
ें
है।’ लक्णों, वचवक्वसकी्य परोीक्ण औरो वलए प्वतरोोध बढ़ा सकता है। लोिों के
कभी-कभी प््योिशाला जाँच के आधारो बीच प्वतरोोधी बैक्टीररो्या का प्सारो भोजन,
परो ्यह वनणमा्य डॉक्टरोों को ही करोना पानी, अस्पताल औरो प्यामािरोण के माध््यम
चावहए वक एंटीबा्योवटक की आिश््यकता से होता है। इसका अथमा ्यह है वक वकसी
है ्या नहीं, अिरो िरूरोत है तो कौन-सी एक व््यत्क्त द्ारोा एंटीबा्योवटक दिाओं का
ें
एंटीबा्योवटक उप्युक्त होिी औरो उस े दुरुप्योि परोे समुदा्य म प्वतरोोध को जन्म
ू
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वकतने सम्य तक वल्या जाना चावहए। दे सकता है। इससे स्िास््थ््य सिा की
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