Page 58 - Mann Ki Baat (Hindi)
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लाित बढ़ती है, अस्पतालों परो दबाि बढ़ता संख््या बढ़ सकती है। हम डरो है वक कहीं
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है, का्यमाबल की उ्वपादकता घटती है औरो हम विरो से उसी दौरो म न लौट जाएँ जब
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रोाष्ट्ी्य स्िास््थ््य सरोक्ा को ़ितरोा पैदा मामूली संक्रमण भी जानलिा सावबत हो
होता है। इसवलए एंटीबा्योवटक प्वतरोोध सकते थे।
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केिल व््यत्क्तित समस््या ही नहीं, एक भारोती्य आ्यविमाज्ान अनुसंधान
सामावजक चुनौती है। ्यवद एंटीबा्योवटक पररोषद (ICMR) अपनी वनिरोानी,
प्वतरोोध लिातारो बढ़ता रोहा, तो सामान््य बैक्टीररो्यल संक्रमणों औरो एंटीमाइक्रोवब्यल
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संक्रमण भी असाध््य हो सकते ह औरो प्वतरोोध की पहचान के वलए नए नैदावनक
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वन्यवमत श्क्य वक्र्याएँ, प्सि, कसरो का परोीक्णों के विकास, एंटीबा्योवटक दिाओं
उपचारो तथा अि प्वतरोोपण अ्व्यवधक के वििेकपणमा उप्योि को बढ़ािा देने के
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जोवखम िाले बन जाएिे। पररोणाम ्यह वलए का्यामान्ि्यन अनुसंधान तथा एएमआरो
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होिा वक अस्पताल म भतथी रोहने की अिवध से वनपटने की नई रोणनीवत्यों का विकास
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लम्बी औरो अवधक महिी हो जाएिी तथा करोने िाली व््यापक पहलों के माध््यम से,
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साधारोण संक्रमणों से होने िाली मौतों की भारोत के AMR अनुसंधान एजडे का
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नेत्वि करो रोही है। इसका प्मुख का्यमाक्रम,
एंटीमाइक्रोवब्यल प्वतरोोध वनिरोानी एि ं
अनुसंधान नेटिक्फ (AMRSN), प्ाथवमक
रोोिजनक जीिाणु/विषाणु (पैथोजेन) म ें
प्वतरोोध के पैटनमा परो रोाष्ट्ी्य स्तरो का
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डाटा त्यारो करोता है, जबवक वडवजटल
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प्लटिॉममा, मानकीकत डाटा सग्ह औरो
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ररोपोवटि को मिबूती देने का काम
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करोते ह। इस डाटा से, उपचारो सम्बधी
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