Page 57 - Man Ki Baat Nov 2024 (Hindi)
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          से शििी वाताविण का अचछी तिि स  े     शििी क्त्ों में गौिैया की आबादी
          अनुकूलन हकया िै। ये छोट़े पक्ी एक   में हगिावट के कई कािण िैं। प्राथहमक

          समय दुहनया भि के शििों में पनपत  े  कािणों  में  से  एक,  उपल्धि  प्राकृहतक
          थे, इमाितों के कोनों में घोंसला बनात  े  आवासों  में  कमी  िै।  जैसे-जैसे  शििों
          थे, बचे िुए भोजन की तलाश किते थ  े  का हवसताि िोता िै, वे अ्सि िरियाली
          औि  अपनी  हवहशष्ट  आवाज़ों  से  शिि   के छोट़े-छोट़े हिससों को हनगल जाते िैं,
                                     ँ
          के दृशयों को जीवंत बनाते थे। िालाहक   जो कभी पहक्यों के हलए भोजन औि
          जैसे-जैसे शिि बढ़़े औि बदले िैं, वैसे-  आश्य  का  मित्वपूण्य  स्ोत  थे।  पाक्फ
          वैसे परिबसथहतयाँ भी बदली िैं।     औि उद्ान, जो कभी पौधिों औि कीडों
              भाित  में  गौिैया,  हजनिें  तहमल   से भिे ििते थे, दल्यभ िो गए िैं, उनकी
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          में  कुरुवी  औि  तेलुगु  में  हपचुका  जैस  े  जगि  कंरिीट,  रामि  औि  मैनी्योि
          हवहभन्न नामों से जाना जाता िै, लमब  े  हकए गए लॉन ने ले ली िै, जो वनयजीवों
          समय  से  सांसकृहतक  किाहनयों  औि   को सिािा देने में बिुत कम योगदान
          दहनक  जीवन  का  एक  पोहषत  हिससा   देते िैं।
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          ििी िैं। िालाहक शििीकिण के कािण      कई  भाितीय  शििों  की  तिि
          ये पक्ी शििों में तेज़़ी से लुपत िोने के   हदलली  का  भी  हपछले  कुछ  दशकों  में

          कगाि  पि  आ  गए  िैं।  आजकल  कई   तेज़़ी  से  हवकास  िुआ  िै।  एक  समय
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                                                        े
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          बच्  इनिें  केवल  तसवीिों  या  वीहरयो   पिानी, औपहनवहशक युग की इमाितों
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          में िी देखते िैं। प्रधिानमंत्ी निेनद्र मोदी   औि  पडों  की  छाया  वाले  आँगन  स  े
          ने ‘मन की बात’ एहपसोर में इस मुद्े   सजी, उलझी िुई गहलयों ने अब हवशाल
          पि प्रकाश राला औि गौिैया को िमाि  े  अपाट्डमेंट  परिसिों  औि  शॉहपंग  मॉल
          जीवन  में  वापस  लाने  के  प्रयासों  के   का माग्य प्रशसत कि हदया िै। शिि का
          मित्व पि ज़ोि हदया।                      परिदृशय,  जो  कभी  ििे-भि  े
                                                   सथानों औि बिगद के प्राचीन


















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