Page 52 - Man Ki Baat Nov 2024 (Hindi)
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भारि में मरौखखक इतिहास पद्रयोजनाएँ



                           स्मृतियों, ध्वनियों और पहचािों का संरक्षण






           साहथयो ऐसा िी एक ‘Oral History     साक्ातकाि  के  माधयम  से  लोगों
           Project’ भाित में भी िो ििा िै। इस   के वयब्तगत आखयानों, समृहतयों औि
                             े
        project के तित इहतिास प्रमी देश के   अनुभवों को संग्रिीत किना, उनिें रिकॉर्ड
        हवभाजन  के  कालखर  में  पीहडतों  के
                        ं
        अनुभवों का संग्रि कि ििे िैं। अब देश   किना औि संिहक्त किना िमािे देश
        में ऐसे लोगों की संखया कम िी बची   के  मौहखक  इहतिास  से  जुडी  पिमपिा
        िै, हजनिोंने हवभाजन की हवभीहषका को   िै। हलहखत ऐहतिाहसक हवविण अ्सि
        देखा िै। ऐसे में यि प्रयास औि जयादा   हकसी घटना के िाजनीहतक, सैनय औि
              ू
        मितवपण्य िो गया िै।               आहथ्यक पिलुओं पि धयान केंहद्रत किते
                               े
                    -प्रधिानमंत्ी निनद्र मोदी   िैं,  विीं  दूसिी  ओि  मौहखक  इहतिास
               (‘मन की बात’ समबोधिन में )  उन  लोगों  को  आवाज़  देता  िै,  हजनकी
                                          वयब्तगत किाहनयों औि अनुभवों को
                                          अनदेखा  हकया  जाता  िै  या  िाहशए  पि
                                          िखा जाता िै।
                                              ऐहतिाहसक  शोधि  के  हलए  हलहखत
                                          रिकॉर्ड  आवशयक  िैं,  हकंतु  मौहखक
                                          इहतिास वयब्तगत किाहनयों, भावनाओं
                                          औि अनुभवों पि जोि देकि अतीत के
                                          अहधिक समग्र दृबष्टकोण तक पिुँच प्रदान
                                          किता िै। इन सामहग्रयों को आहधिकारिक
                                          दसतावेजों या अहभलेखागाि तक सीहमत
                                          निीं हकया जा सकता िै। ये वयब्तगत
                                          हवविण  अ्सि  इहतिास  का  अहधिक
                                          गिन औि सूक्म परिप्रेक्य प्रसतुत किते
                                          िैं।  मौहखक  इहतिास  हवहभन्न  पीहढ़यों
                                          के लोगों को अपनी समृहतयों को साझा
                                          किने, अतीत को वत्यमान से जोडने औि
                                          सामूहिक  समृहत  की  गििी  समझ  पैदा
                                          किने की सुहवधिा प्रदान किता िै।

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