Page 55 - Man Ki Baat Nov 2024 (Hindi)
P. 55

में  अब  एक  िाष्ट्ीय  समुद्री  हविासत   पुिाताबतवक खोजों में से एक बनाती िैं।
          परिसि  (एनएमएचसी)  का  हनमा्यण    यि गौिवशाली सथल एक परिवत्यनकािी
          किने में जुटा िै। यि भवय औि समहप्यत   यात्ा  के  हलए  तैयाि  िै।  माच्य,  2019  में
          संग्रिालय  भाित  के  5000  साल  पुिाने   एनएमएचसी की आधिािहशला िखी गई,
          समुद्री इहतिास को प्रदहश्यत किेगा, जो   जो दुहनया के सबसे बड़े समुद्री परिसिों
          िडपपा सभयता से शुर िुआ था।        में शुमाि िै।
              प्राचीन  शिि  लोथल  एक  िलचल     मौहखक  इहतिास  औि  सिक्ण
                                                                     ं
          भिे वयापारिक बंदिगाि के रप में ई.पू.   परियोजनाएँ  ऐहतिाहसक  घटनाओं  को
                   ं
          2400  में  हसधिु  घाटी  सभयता  के  दौिान   मानवीय बनाती िैं, वयब्तगत अनुभवों
                                                               ू
          हवकहसत िुआ। पुिाततवहवदों का मानना   को सामने लाकि सिानुभहत को बढ़ावा
          िै हक एक प्रमुख नदी प्रणाली के साथ   देती िैं। वे इहतिास की एकछत् प्रसतुहतयों
          जुड़े  िोने  के  कािण  लोथल  सामरिक   को चुनौती देती िैं औि हवहवधि परिदृशय
                                                                       ृ
          दृबष्ट से मित्वपूण्य था। यि नदी प्रणाली   के  साथ  हवद्त्  परिचचा्यओं  को  समधि
            ं
          हसधि को गुजिात में सौिाष्ट् से जोडने   किती िैं। इतना िी निीं, ये परियोजनाए  ँ
                                                             ं
          वाले  पुिाने  वयापारिक  रट  का  एक   हलहखत अहभलेखों से वहचत की आवाज़ों
          हिससा थी। इस सथल खुदाई से अनेक    को संग्रिीत किके मौहखक इहतिास के
          मित्वपूण्य  कलाकृहतयाँ  हमली  िैं,  जो   हनमा्यण  का  लोकतंत्ीकिण  भी  किती
                 ु
          इसे आधिहनक भाित की सबसे समृधि     िैं।

                                         51 51
   50   51   52   53   54   55   56   57   58   59   60