Page 61 - Man Ki Baat Nov 2024 (Hindi)
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“जब मैं छात् था, उस समय से िम गौिैया सिक्ण के हलए 2014 से काम कि ििे िैं। मैंने अपन े
प्रोफेसि रॉ. टी. मुरुगन के साथ काम किना शर हकया। 2014 में िमने अपने कॉलेज में छात्ों की
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मदद से एक सवदेक्ण हकया। िमने उर्िी चेन्नई के आवासीय क्ेत् का दौिा हकया औि आम लोगों स े
चचा्य की। उस समय विाँ गौिैया मौजूद थीं। एक बाि इसकी पबष्ट िो जाने के बाद
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िमने घोंसले उपल्धि किाना शर कि हदया। आम लोग इस काम में बडी
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मबशकल से रुहच हदखा ििे थे, इसहलए िमने सकूली बच्ों की मदद ली।
उर्िी चेन्नई, िायपिम में धिनलक्मी असेमबली सकूल पिला सकूल था,
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जिाँ िमने केवल 15 नेसट बॉ्स के साथ इस परियोजना की शुरुआत
की। अब तक िमने पिे तहमलनारु, पुदुचिी, केिल औि
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कना्यटक में लगभग 10,000 नेसट बॉ्स हवतरित हकए िैं।
उर्िी चेन्नई में िी िमने 40 सकूलों में 8,000 घोंसले हवतरित
हकए िैं।”
-गणेशन औि हकशोि, कुरुगल ट्सट, चेन्नई
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“अलदी बर्ड 10 साल पिानी पिल िै। इन दस वषगों में िमने 10 से अहधिक भाितीय
भाषाओं में प्रकृहत हशक्ा सामग्री तैयाि की िै। िमने देश भि में हशक्कों को
प्रहशहक्त हकया िै। िम बच्ों के साथ सीधिे समपक्फ में भी ििते िैं। अलदी
बर्ड में, िम यि मानकि चलते िैं हक बच्ों में प्रकृहत के बािे में एक
सिज हजज्ाासा िोती िै औि िम इसे पोहषत किना चाित े
िैं औि इस हजज्ाासा को बढ़ाने औि उनके आस-पास की
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प्राकृहतक दहनया से जडने में उनकी मदद किना चािते िैं।
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-गरिमा भाहटया,
नेचि कंजवदेशन फाउंऱेशन, मैसूरु, कना्यटक की पिल ‘अलदी बर्ड’ की टीम लीरि
“िम प्राकृहतक हशक्ा को ग्राम पंचायत पुसतकालयों तक ले जाने के हलए
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कना्यटक पंचायत आय्तालय के साथ सियोग कि ििे िैं। शुरुआती
पल के तौि पि िमने 500 पुसतकालयों के साथ काम हकया। इन 500
पुसतकालयों को िमने ‘नेचि एजुकेशन हकट’ देकि उनिें सथाहपत हकया।
इन पुसतकालयों के प्रभािी सभी 500 पुसतकालयाधयक्ों
को िमािे द्ािा उनिें प्रदान की गई सामहग्रयों का इसतमाल
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किने के हलए प्रहशहक्त हकया गया।
-अहभषेका, नेचि कंजवदेशन फाउंऱेशन, मैसूरु, कना्यटक की पिल
‘अलदी बर्ड’ की प्रोग्राम मैनेजि
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