Page 50 - Man Ki Baat Nov 2024 (Hindi)
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        हगिहमहटया  मजदिों  के  अहधिकािों   लौटने के बाद गयाना की सववोच् हशक्ा
        के हलए लडाई लडी, सात बाि हब्हटश   संसथा  –  गयाना  हवशवहवद्ालय  की
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        गयाना  ईसट  इहरयन  एसोहसएशन  के   सथापना की। रॉ. चेड्ी औि जेनेट जगन
        अधयक्  चुने  गए  औि  हब्हटश  गयाना   द्ािा  सथाहपत  िाजनीहतक  मामलों  की

        में साव्यभौहमक वयसक मताहधिकाि की   सहमहत  (1946)  के  शुरुआती  इहतिास
        लडाई में अग्रणी थे।               में  रिोमन  के  अफ्ीकी-भाितीय
            हब्ट़ेन  से  आज़ादी  की  लडाई  का   ‘गठबधिन’ का एिसास देखा जा सकता
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        नेतृतव रॉ. चेड्ी जगन ने हकया था, जो   िै।  बाद  में  (1950  में)  हब्हटश  गयाना
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        एक  हगिहमहटया  मजदि  के  बेट़े  थे,      लेबि  पाटदी  के  साथ  हवलय
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        हजनिोंने अपने बेट़े के हलए बिति           कि  पीपुलस  प्रोग्रेहसव  पाटदी
        भहवष्य की तलाश में उसे हब्हटश             का गठन हकया गया। इसन  े
        गयाना में उस समय की सववोच्                 जातीय  ‘गठबधिन’  के
                                                               ं
        हशक्ा  संसथा  ्वींस  कॉलेज  में             जोसेफ रिोमन के सपन  े
        सफल िोने के बाद हचहकतसा                       को औि मजबूत हकया,
        की  पढ़ाई  किने  के  हलए
        अमिीका भेज हदया था। चेड्ी
        जगन ने िी अपनी पढ़ाई स  े






























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