Page 46 - Man Ki Baat Nov 2024 (Hindi)
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पढ़ने की अलख जगाि े
पुस्तकालय
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प्धानमंत्ी नर्द्र मो्दी ने अपने ‘मन की बात’ के समबोधन में रचनातमकता को बढाविा
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्देने में पुसतकों की महतविपण्य भवमका पर प्काश डाला। प्धानमंत्ी ने पुसतकों को ‘मानवि
का सबसे अच्ा वमत्’ बतारा और पुसतकालरों को इस वमत्ता को पोवषत करने विाल े
स्ान के रूप में विवण्यत वकरा। चेन्नई में प्ाकृत अररविागम जैसे पुसतकालर बच्ों में
पढने के प्वत प्म को बढा रहे हैं, विहीं ह्दराबा्द में फूड 4 ्ॉट फाउंडेशन और वबहार
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में प्रोग लाइब्री जैसी पहल के माधरम से ्ात्ों और बच्ों के वलए वविवभन्न वविषरों
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पर ज्ान तक पहँच सवननशचत की जा रही है। इन प्रासों से वशक्षण को सभी के वलए
समाविेशी और सुलभ बनारा जा रहा है। ्दूर्दश्यन टीम ने इन पुसतकालरों के संस्ापकों
से बात की।
प्रोग पुसतकालर बच्ों के सावहतर को बढाविा ्देने और पुसतकालर संसकृवत
को पुनजजीववित करने के वलए समवप्यत है। ्दोसतों के सहरोग से हमने 2013
में इसकी शुरुआत की। हमारा प्ा्वमक लक्र बच्ों को वविवविध और विग्य-
पर आधावरत उपरुकत सावहतर तक पहँच प््दान करना, पढने के प्वत रुवच
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जागृत करना है। स्ानीर सविशासन के सम््यन से हमने अपने पुसतकालर
नेटविक्क को 24 सरकारी सकूलों तक सफलतापवि्यक वविसताररत वकरा है।
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पुसतकालर से समबंवधत वशक्षक बच्ों को शावमल करने, वकताबों को आन्द
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और सीखने का स्ोत बनाने में महत्विपण्य भवमका वनभाते हैं।
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पुसतकालर आज भी अतरवधक प्ासवगक बने हुए हैं,
करोंवक वकताबें समाज के सच्े प्वतवबमब के रूप में
काम करती हैं और रविा मन को नए भारत की
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कलपना करने और उसके वनमा्यण में रोग्दान
करने के वलए प्ररत करती हैं।
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-सूर्य प्काश रार,
संस्ापक स्दसर, प्रोग
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