Page 49 - Man Ki Baat Nov 2024 (Hindi)
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इहतिासकाि जेमस िोरवे (हब्हटश   के  सभी  क्त्ों  में  उतकृष्टता  िाहसल
                                                     े
          मूल  के  गयानावासी,  1848-1926)  न  े  की।  बुहधिजीवी,  पत्काि  औि  हब्हटश
          चीनी  तथा  चावल  उद्ोगों  के  अबसततव   गयाना  ईसट  इंहरयन  एसोहसएशन  के
          औि  हवकास  के  साथ-साथ  गयाना     संसथापकों में से एक जोसफ रिोमन

                                                                  ु
          के  सांसकृहतक  समवधि्यन  के  हलए  पव्य   ने  अफ्ीकी  दासों  की  मब्त  की
                                      ू
          भाितीय प्रवासन के मित्व को पिचाना।   शता्दी (1938) पि हलखते िुए, समाज
                                                                  ं
          िोरवे ने किा हक उनके अनोखे िीहत-  में  भाितीय-अफ्ीकी  ‘गठबधिन’  का
          रिवाज़ों  औि  धिमगों  ने  आबादी  में  एक   आह्ान  हकया।  उनके  भाई,  पत्काि
          नया औि हदलचसप ततव जोडा। िालाहक    पीटि रिोमन ने इसके बाद जलद िी
                                     ँ
          चीनी औि चावल की खेती अभी भी नए    हब्हटश गयाना में भाितीयों के आगमन
          तिीकों के साथ फल-फूल ििे उद्ोग िैं,   की  शता्दी  पि  हलखा।  इसमें  उनिोंन  े
          लहकन अथ्यवयवसथा औि िाष्ट्-हनमा्यण   किा  हक  हब्हटश गयाना में ििने वाल  े
            े
              ं
          में  इरो-गयाना  का  योगदान  कृहष  स  े  लोगों ने कॉलोनी को अपना घि बनान  े
          किीं आगे तक जाता िै।              का  फैसला  हकया  िै,  औि  अपने  हलए
              1800 के दशक के अंत से धिाहम्यक   एक  नया  समुदाय  बनाया  िै।  हब्हटश
          औि  सांसकृहतक  नींव  द्ािा  समहथ्यत   गयाना के पिले हचहकतसकों में से एक
                                                      ु
                                                          ं
          हशक्ा  औि  वयावसाहयक  कौशल  स  े  रॉ. जंग बिादि हसि, O.B.E. (1886-1956),
          भाितीय प्रवाहसयों ने गयाना के समाज   दूसिी  पीढ़ी  के  भाितीय  थे  हजनिोंन  े



























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                                        गराना वह््दू धावम्यक सभा द्ारा    45
                                            व्दविाली समारोह
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