Page 45 - Man Ki Baat Nov 2024 (Hindi)
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ू
भी लेखक बनना चािता िँ”, दूसिे न े
किा, “मैं नौसेना में शाहमल िोना चािता
ू
ै
िँ।” कुछ ने यि भी किा हक वे सहनक
बनना चािते िैं तो कुछ हशक्क बनना
चािते िैं। सूची बढ़ती गई औि मुझे खुशी
िुई हक हकताबों ने उनिें अलग-अलग
तिीकों के बािे में सोचने पि मज़बि
ू
कि हदया।
मैंने जवाब में मुसकुिाते िुए महखया
ु
से पुसतकालय के मित्व को समझने के
हलए किा, “अब िमािे पास हरहजटल
मीहरया भी िै। िम धिीिे-धिीिे इससे भी
इन बच्ों को परिहचत किाएँगे।” आइए,
िम उनिें हरहजटल मीहरया से सीखने के
े
े
हलए प्ररित किें, लहकन हनगिानी में।
पढ़ना एक बिुत अचछी आदत िै,
ु
बशतदे िम बज़ुग्य पिले पढ़ें। अंततः मैं
ू
चािती िँ हक माता-हपता भी पुसतकालय
में आएँ औि कुछ समय यिाँ पुसतकें
े
पढ़ें। यि भी बच्ों के हलए एक बितिीन
मॉरल िोगा।
िि समय हरहजटल जानकािी का
उपयोग किने से बच्े प्रभाहवत िो सकत े
े
िैं, लहकन आवशयकता पडने पि इसका
उपयोग हकया जा सकता िै।
ु
मैं संतष्ट िोकि गाँव से चली गई।
े
मैं िमािे माननीय प्रधिानमंत्ी निनद्र
ं
मोदी जी को ‘मन की बात’ शखला के
हलए लाइब्ेिी औि हरिएहटहवटी जैस े
ू
मित्वपण्य हवषयों को चुनने के हलए
बधिाई देती िँ। जब वे इसमें बोलते िैं तो
ू
पिा देश सुनता िै। पुसतकालयों के बाि े
ू
में उनकी यि सलाि िमािे देश के हलए
एक बडी प्रेिणा िोगी।
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