Page 67 - Mann Ki Baat (Hindi)
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          इसे पररोिारोों के वलए एक ़िास स्थान   जैसा वक माननी्य प्धानमत्री ने आग्ह
          बनाते हैं। ्यहाँ आने िाले सैलानी, धोडवो   वक्या है, “आपको जब भी अिसरो वमले,

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          के अलािा, आसपास के मशहरो स्थलों   तो ऐसे उ्वसिों में िरूरो शावमल हों औरो
          जैसे धोलािीरोा, ‘रोोड टू हिन’, लखपत,   भारोत की विविधता का आनंद उठाएं।”
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          माता  नो  मध,  नारोा्यण  सरोोिरो,  कालो
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          डूिरो, स्मृवतिन औरो मांडिी की सरो भी   अिरो आप भी विंदिी की भािदौि से दरो
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          करो सकते हैं जो इवतहास औरो प्ाककृवतक   कुछ पल सुकून के वबताना चाहते हैं तो
          सौंद्यमा से सरोाबोरो हैं।         रोण उ्वसि िरूरो आएं। ्यह वसफ़्फ एक

              इस साल ्यह उ्वसि 23 निम्बरो   ‘्यात्रा’ नहीं है बत््कक एक ऐसा ‘अनुभि’
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          से शुरू होकरो 20 िरोिरोी तक चलिा।   है जो ताउम्र आपकी ्यादों में तािा रोहिा।

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