Page 38 - Mann Ki Baat (Hindi)
P. 38
प्ामावणक माध््यम भाषा ही है। कन्नड ि्या तथा पाठ्यक्रम को औरो विकवसत
े
कृ
पाठशाले दुबई मुनाि के वलए नहीं बत््कक वक्या ि्या एिं सांस्कवतक का्यमाक्रम भी
ू
परोी तरोह भािनाओं के आधारो परो चलाई शावमल वकए िए। विद्ाथथी भाषा सीखने के
े
िई थी औरो इसकी स्थापना का उद्श््य साथ-साथ कन्नड सावह्व्य, िीत, कहानी
ें
ें
लोिों को कन्नड भाषा म साक्रो बनान े सुनाने औरो ्व्योहारोों म भी रुवच लेने लि े
की सुविधा का प्सारो करोना, भाषा के प्वत थे।
कृ
ें
िौरोि का भाि जिाना, सांस्कवतक जिों स े केपीएसडी सही अथषों म अपनी
ं
विरो जोिना तथा स्युक्त अरोब अमीरोात म ें सशक्त सामुदाव्यक भािना के सहारोे ही
रोहने िाले कन्नड भाषी अप्िासी ्यिाओं म ें इतनी विशेष सिलता प्ाप्त करो पा्या।
ु
अपन्वि का भाि पैदा करोना था। वशक्किण काम के ज़््यादा घटों के बाद
ं
े
ैं
सामुदाबयक प्रयासों से बवस्तार भी स्िच्छा से अवतररोक्त सम्य लिाते ह,
ू
ें
इन िषषों म केपीएसडी अवभभािकों, अवभभािकिण परोी लिन के साथ हरो
ं
े
िॉलवट्यरोों, वशवक्काओं औरो सामुदाव्यक आ्योजन म भाि लेते ह औरो बच् भी
ैं
ें
ै
नेताओं के सतत सह्योि से बढ़ता रोहा है। अनेकानेक ित्श्िक भाषाओं के बीच वघरो े
प्िीण शेट्ी औरो मोहन नरोवसम्हामवतमा जैस े होने के बािजूद परोे ििमा के साथ कन्नड
ू
ू
माननी्य सरोक्कों, मोहम्मद मूलुरु तथा डॉ. पढ़ते, वलखते औरो बोलते ह। माननी्य
ैं
ं
ं
ें
े
फ्रक िनािंडेि जैसे परोामशमादाताओं औरो प्धानमत्री द्ारोा इस पहल का उ्कलख
ं
ू
सामुदाव्यक सिठनों के सह्योि की भी वक्या जाना इस सामवहक प््यास तथा
े
ू
इस ्यात्रा म उ्कलखनी्य भवमका रोही है। सांस्कवतक संक्कप का पक्का प्माण है।
ें
कृ
कनामाटक सरोकारो के कन्नड विकास बोड्ट बनस्वाथ्य सेवा और बनःशुल्क बशक्ण
की सहा्यता से कक्ाओं को सुचारू बना्या केपीएसडी परोी तरोह िरो-कारोोबारोी
ू
ै
38
38

