Page 33 - Mann Ki Baat (Hindi)
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शुरू में तो वशक्क औरो विद्ाथथी ही
ग्प में आए परो ज्कदी ही संस्थान के कई
ु
अन््य संिीत प्मी भी साथ जुिते चले िए।
े
कुछ तो संिीत के प्वत प्म औरो रुवच के
े
कारोण आए औरो कुछ वजज्ासा के कारोण
ग्प में शावमल हो िए। कुछ लोि तो नई
ु
विधा सीखने की चुनौती मानकरो ग्प में
ु
आए थे जबवक अन््य कई लोि इसवलए
शावमल हुए वक ्यहाँ उन्हें िही अिसरो
वमल सकता था वजसकी उन्हें तलाश थी।
विरो कुछ लोि मेलजोल बढ़ाने के उद्श््य
े
से भी हमारोे ग्प से जुिे थे। IISc कैम्पस
ु
जैसे उच् वशक्ण माहौल में िीतांजवल
IISc ने लोिों को काम के तनाि से रोाहत
वदलाने में अहम भूवमका वनभा्यी।
ु
2015 तक ग्प का व््यापक विस्तारो
हो ि्या औरो ्यह बाका्यदा एक ऐसा क्लब
बन ि्या जो विद्ावथमा्यों को स्टेज परो
संिीत प्स्तुवत का अिसरो प्दान करोता
था। िैसे तो मुख््य रूप से वहंदुस्तानी
शास्त्री्य संिीत परो ही िोरो वद्या जाता
ु
था परो ्यह ग्प लोकसंिीत, अधमा-शास्त्री्य
िा्यन, क्ेत्री्य संिीत औरो पाश्चा्व्य संिीत
का भी वशक्ण देता है।
ु
अब तो ्यह ग्प SPICMACAY
(सोसा्यटी िॉरो द प्मोशन ऑि इंवड्यन
क्लावसकल म््यूवज़क एंड क्कचरो अमंिस्ट
्यूथ) के साथ वमलकरो IISc में हरो महीने
का्यमाक्रम आ्योवजत करोता है वजनमें
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