Page 34 - Mann Ki Baat (Hindi)
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संिीत औरो नृ्व्य प्स्तुवत्यों के साथ ही   वशष््य परोम्परोा में पक्का भरोोसा है औरो िे
        कठपुतली-शो,  लोकनृ्व्य,  जैि  संिीत   चाहती हैं वक उनके वशष््य भी इस परोम्परोा
        औरो वथ्येटरो भी शावमल रोहते हैं।   को आिे बढ़ाएँ। उनका मानना है वक इस
             िीता  अनंत  बताती  हैं  वक  असल   परोम्परोा से ग्प में आपसी वनकटता बनी
                                                    ु
        मकसद  का्यमाक्रम  आ्योवजत  करोने  के   हुई है औरो सदस््य एक-दूसरोे की पूरोी
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        साथ ही कलाकारोों से वमलना औरो उनसे   मदद करोते हैं। IISc से ग्जुएशन करोने
        बातचीत करोके नई बातें सीखना था। ्यह   के बाद कहीं अन््य स्थान परो चले जाने

        ग्प िषमा में कम से कम दो बारो विवधित   िाले अनेक विद्ाथथी िीतांजवल IISc की
         ु
        समग् का्यमाक्रम प्स्तुत करोता है। इसकी   ऑनलाइन क्लासों के िररोए अभी तक
                                           ु
        सिलता का संकेत इस बात से वमलता    ग्प से जुिे हुए हैं।
        है वक ग्प को अंतरोरोाष्ट्ी्य सम्मेलनों में   अ्व्यवधक  तनाि  िाले  अनुसंधान
              ु
        भाि लेने के वनमंत्रण वमलते हैं; हमारोे एक   का्यमा  में  लिे  रोहने  िाले  विद्ावथमा्यों  के
        सदस््य कलाकारो की ििल अ्कबम की    वलए ्यह ग्प सुरोवक्त स्थल की भूवमका
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        समीक्कों ने िबदमास्त सरोाहना की है।   वनभाता है। िे अपने संघषमा परो बातचीत
             सदस््यों की संख््या बढ़ने के बािजूद   करो पाते हैं। िीता जीिन ्या प््योिशाला
        िीतांजवल IISc ने अपने समुदा्य के बीच   की चुनौवत्यों से वनपटने की तुलना रोािों में
        करोीबी पररोिारो जैसा माहौल बना रोखा है।   महारोत हावसल करोने से करोती हैं क््योंवक
        िीता सप्ताह में हरो रोोि एक-एक सदस््य   ्यह आसानी से नहीं हो पाता औरो इसके
        के साथ अलि क्लास लेती हैं। उन्हें िुरू   वलए  बहुत  सं्यम  औरो  अनुशासन  की
















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