Page 63 - Man Ki Baat Nov 2024 (Hindi)
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वनशा कुमारी, रीना ्दविी और सुनीता ्दविी, सविरं सहारता समूह ‘जीवविका’ से जडी हुई हैं। इनका
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कहना है “हमें जीवविका की ओर से आम, कटहल ,लीची, जामुन एविं कई और फल्दार पड हज़ारों की
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संखरा में वमले हैं। रे पड लगाए जा चुके हैं। इसका फार्दा रह है वक हम सविरं तो रे फल खाएँगे ही, हमार े
समाज के बच् भी खाएँगे, सा् ही रे पड हमें धूप और गमजी से भी बचाएँगे।”
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“अभी तक जीवविका के द्ारा 6 लाख 87 हजार 500 फल्दार विृक्ष व्दए गए हैं वजनका विक्षारोपण भी
हो चुका है। अभी तक 15 ‘्दी्दी की नस्यरी’ चल रही है। हरेक प्खंड में तीन कलसटर हैं। आगे हम लोगों
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का पलान है वक प्तरक कलसटर में एक ‘्दी्दी की
नस्यरी’ हो। ्दीव्दरों को इससे काफी फार्दा हो
रहा है। फल के सा्-सा् विाताविरण भी शुद्ध
हो रहा है।”
-राजेश कुमार रंजन,
‘जीवविका’ के प्दावधकारी
“प्धानमंत्ी जी द्ारा पहचान वमलना हमारे वलए एक बडा सममान है। रह हमारी टीम और सांगती
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सम्दार की मेहनत का प्माण है। रह सराहना हमें और बेहतर काम करने के वलए प्ररत करती है वक हम
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वरविस्ा को और सुधार सकें और अ्र सम्दारों तक पहँचकर अपने अनुभवि साझा कर सकें और अपन े
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प्रासों को ्दोहरा सकें।
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हम लोगों का धरान आकवष्यत करने के वलए गावि के बच्ों के सा् वमलकर रचनातमक और
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वविचारोत्तजक सांकेवतक आकृवतराँ और ्दीविारों पर कला बनाते हैं। हम रात्ा कमपवनरों के सहरोग से गावि
में जागरूकता सत् आरोवजत करते हैं, जहाँ सविरं सहारता समूह की मवहलाएँ और बच्े पर्यटकों को सांगती
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के साम्दावरक कचरा प्बंधन प्णाली के बारे में बताते हैं।
हमारा काम सांगती घाटी के प्ाकृवतक सौ््दर्य को बनाए रखने में रोग्दान ्दे रहा है, जहाँ पर्यटन स े
बढते कचरे की समसरा का समाधान वकरा जा रहा है। आज, सम्दार के प्रासों की ब्दौलत कचरे को
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फेंकना और जलाना ब्द कर व्दरा गरा है। अब कचरा सही तरीके से प्बवधत वकरा जा रहा है, वजससे आन े
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विाली पीवढरों के वलए घाटी के प्ाकृवतक सौ््दर्य को संरवक्षत करने में म्द्द वमल रही है।”
-असम की इवतशवा, सवांगती घवाटी की स्च्छतवा अवरयवान की प्रमुख, अरुणवाचि प्र्देश
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