Page 58 - Mann Ki Baat Hindi
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        धरती क प्हरी


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        भारत क हदरत संरक्षकों का उत्सव

            पयात्तवरण संरक्ण प्रायः िड़े संसिानों का कायत्त और बवशा्ल अबभयान
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        माना जाता है। ्लबकन जैसा बक ‘मन की िात’ में कहा गया, यह वासतबवक
        और साित्तक िद्लाव कई िार एक समबपत्तत वयककत से ही शुरू होता है।

        वृक्ारोपण के क्ेत्र में बिनॉय दास के प्ररणादायक प्रयास इसी भावना को
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        अतयत संदर रूप में अबभवयकत करते हैं।



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              “मैं वर्ष 2010 से वक्षटारोपण कर रहटा हँ। इसके िटाद वर्ष 2019 में हमने एक
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           संगठन िनटायटा। हमटारे संगठन में 140 सदसय हैं। हम हर डदन वक्षटारोपण समिनधी
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           कटाय्ष करतिे हैं। अि तिक हम 5 छो् वन डवकडसति कर चुके हैं। हमटारटा उद्े्य
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                            कूचडिहटार में ऐसे और छो् वन तिैयटार करनटा है। अि तिक
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                            हम लगभग 14 हजटार पड़ लगटा चुके हैं। वर्ष 2024 में
                            हमने िंगटाल की पहली ‘ट्री एमिलेंस’ की शुरुआति की।
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                            हम 4 महीने तिक वृक्षटारोपण करतिे हैं और उसके िटाद
                            8 महीने उनकी देखभटाल करतिे हैं। यह हमटारे डलए एक
                            िड़ी उपलकबध है। हमटारटा प्यटास रहतिटा है डक हम लोगों को
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                            वक्षटारोपण के प्डति जटागरूक करें।”
                                            -बिनॉय दास, कूचबिहार, पक्चम िंगा्ल

















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