Page 54 - Mann Ki Baat Hindi
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असम में समुदाय की बजममेदारी िेंग्लुरु में शहरी कचरे का समाधान
असम के नटागटाँव में भी स्थटानीय गव्ष िेंगलुरु में, सवचछतिटा के तिरीके ने
की ऐसी ही भटावनटा डदखतिी है। यहटाँ, यह अडधक तिकनीकी और प्डकयटातमक मोड़
पहल जमीनी-सतिर पर शुरू हुई जि ले डलयटा है। फेंके गए सोफे और गद्ों
डनवटाडसयों के एक छो्े समूह ने अपने जैसे भटारी कचरे को संभटालने में ‘डसस्म
आस-पड़ोस को सटाफ करने कटा डनण्षय की नटाकटामी’ को पहचटानतिे हुए, ‘द अगली
डकयटा, डजसकी शुरुआति एक स्थटानीय इंडियन’ (The Ugly Indian) से जुड़े
मंडदर से हुई। जैसे-जैसे और लोग इसमें पेशेवरों ने इस समसयटा को यूडन् लेवल
शटाडमल हुए, यह कोडशश तिेजी से आगे पर सुलझटाने कटा डनण्षय डकयटा।
िढ़ी और ्ीम 18 िनी। इंजीडनयररंग की सोच कटा इसतिेमटाल
यह प्ोजे्् डदखटातिटा है डक जन करके, उनहोंने पटायटा डक एक सोफे को
भटागीदटारी कैसे एकतिटा को िढ़टावटा देतिी है। डसफ्फ 15 डमन् में उसके डहससों लकड़ी,
स्थटानीय डनवटाडसयों ने न केवल गडलयों कपड़टा और फोम में अलग डकयटा जटा
और सड़कों से कचरटा सटाफ डकयटा, िकलक सकतिटा है। इन ‘पुरटानी’ चीजों को तिोड़
उनहें आ््टवक्फ और पौधे लगटाकर भी कर, उनहोंने एक ररसटाइकल होने वटाली
सजटायटा। मयुडनडसपल िोि्ट और सफटाई प्णटाली िनटाई डजसे मौजूदटा मयुडनडसपल
कम्षचटाररयों के सटा्थ डमलकर, ्ीम 18 ने डसस्म आसटानी से अपनटा सकतिटा है।
एक डनजी शौक को पूरे शहर के डमशन यह मॉिल केवल सफटाई के िटारे में नहीं
में िदल डदयटा। अपनी ‘पुरटानी सड़कों’ के है। यह समसयटाओं के समटाधटान के िटारे
प्डति इस भटावुक लगटाव ने आपसी सहयोग में है। यह ितिटातिटा है डक ‘िड़े पैमटाने पर’
और डजममेदटारी की डमली-जुली भटावनटा रोजगटार कटा सृजन करके, शहर के कचरे
पर आधटाररति सफटाई कटा एक ड्कटाऊ की समसयटा को हल कर सकतिे हैं और
मॉिल िनटायटा है। सटा्थ ही रोजगटार और आजीडवकटा भी दे
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