Page 59 - Mann Ki Baat Hindi
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मधय प्रदेश के पन्ना बज्ले के जंग्लों में एक और शांत बकतु अतयत
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          महत्वपणत्त प्रयास आकार ्ले रहा है। वन रक्क जगदीश प्रसाद अबहरवार न
          129 औषधीय पौधों की प्रजाबतयों का दसतावेजीकरण बकया है। उनका यह
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          कायत्त अि ‘मबिबसन्ल प्लाटस ऑफ साउि पन्ना’ नामक पुसतक के रूप
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          में प्रकाबशत हुआ है, बजसमें का्लाहरी, िीजासर, बग्लॉय, अिसा, शतावरी
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          और बनगिी जैसे पौधों का उल्लख है।
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                             और स्थटान आडद से जड़ी डवसतिृति जटानकटारी एकत्र की।
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                             अपने  सेवटा  कटाल  के  दौरटान  मैं  ऐसी  जटानकटाररयटाँ  अपनी
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                             िटायरी में दज्ष करतिटा रहटा ्थटा लडकन डपछले एक वर्ष में हमटार  े
                             प्भटागीय वन अडधकटारी श्ी अनुपम शमटा्ष की प्ेरणटा से मैंन  े
                             इस कटाय्ष को वयवकस्थति रूप डदयटा।”
                                    -जगदीश प्रसाद अबहरवार, वन रक्क, मोहंद्ा वन क्ेत्र,
                                                           पन्ना, मधय प्रदेश।




                                 “तिसवीरों  और  वयटावहटाररक  उपयोगों  सडहति  जैव
                             डवडवधतिटा कटा ऐसटा दसतिटावेजीकरण जटागरूकतिटा िढ़टातिटा है।
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                             अडधक जटागरूकतिटा संवेदनशीलतिटा को जनम दतिी है, और
                             यही संवेदनशीलतिटा जैव डवडवधतिटा के संरक्षण में सहटायक
                             होतिी है।”
                                 -अनुपम शमात्त, आईएफएस (IFS), प्रभागीय वन अबधकारी,
                                                 दबक्ण वन प्रभाग, पन्ना, मधय प्रदेश


              ननहीं पौध सँवारने से ्लेकर पारमपररक औषधीय ज्ान का संरक्ण करन
                                                                         े
          वा्ले नागररक इस िात का उदाहरण हैं बक कैसे वयककतगत संकलप भारत के
          पयात्तवरण आंदो्लन को सशकत िनाता है।














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