Page 57 - Mann Ki Baat Hindi
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“हमने इस गली को सच में िहुति सुंदर िनटा
डदयटा है—इसे सटाफ डकयटा, पें् डकयटा, आ््टवक्फ
डकयटा और हमटारे पटास छो्े पौधे लगटाने जैसे कटाय्ष
को जटारी रखने कटा पलटान है। हम ऐसे ही सफटाई
करतिे रहेंगे। यहटाँ सभी लोग डमलकर कटाम करतिे हैं,
और हमटारे एक-दूसरे के सटा्थ िहुति अचछे रर्तिे
हैं।”
~बमिु देिनाि, गृहणी, नागाँव, असम
“मैंने ‘अगली इंडियन’ नटाम की एक
ऑग्षनटाइजशन के डलए वॉलंड्यर डकयटा, जो
े
चुपचटाप, डिनटा नटाम ितिटाए कटाम करतिी है, और
सवचछ भटारति डमशन कटा िहुति िड़टा डहससटा है।
असल में, 2014 में ‘अगली इंडियन’ के िटारे में
एक ‘्ि ्ॉक’ (TED Talk) आई ्थी, डजसके
े
िटारे में मटाननीय प्धटानमंत्री ने टवी् डकयटा ्थटा। यह
एक िहुति जटानी-मटानी ऑग्षनटाइजशन है, डजसकटा
े
एक ही मो्ो है, कटाम चटालू, मुंह िंद। िस] िटाहर
जटाओ और करो। तिो मैंने कहटा, मैं एक सोफे की
समसयटा कटा समटाधटान करने की कोडशश करतिटा
हूँ, सड़क से शुरू करतिटा हूँ, एक सोफटा उठटातिटा हूँ
और देखतिटा हूँ डक मैं उसके सटा्थ ्यटा कर सकतिटा हूँ। और मैंने घूम कर कचरटा डसस्म
के िटारे में लोगों से िटाति की।”
~अरुण पई, िाउंिर, िैंग्लोरवॉकस, इंबदरानगर,
िेंग्लुरु
“...शटासन, पटारदडश्षतिटा, प्ौद्ोडगकी और
परीक्षण ही वह सि है जो हम लैंिडफल मटाइडनंग
के इस ति्थटाकड्थति सपेस में लटाए हैं। अि हम जो
करतिे हैं, वह यह है डक जि हम प्ोसेस शुरू करतिे
हैं तिो हम उस जगह के पूरे मटाहौल को समझतिे हैं
जहटाँ हम कटाम कर रहे हैं। उदटाहरण के डलए, हमने
गुवटाहटा्ी में कई प्ोजे्् के डलए कटाम डकयटा है,
हमने विोदरटा में अनेक प्ोजे्् पूरे डकए हैं, हमने
नोएिटा में प्ोजे्् डकए हैं और हम चेन्नई में प्ोजे्् पर कटाम कर रहे हैं। तिो, हमटारे पटास
लगभग हर जगह, हर जगह की एक अलग ्ोपोग्टाफी, मटाहौल, भूगोल है। इसडलए, हम जो
मशीनें डिजटाइन करतिे हैं, वे असल में इसे संभटालने के डलए कस्मटाइज की जटातिी हैं।”
~नागेश प्रभु बचबनविात्त, को-िाउंिर और िायरेक्टर- सेलस एंि माकब्टंग, बजगमा ग्लोि्ल
के
े
एनवायरन सॉलयूशंस प्राइवे्ट ब्लबम्टि, इरोि, तबम्लनाि ु
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