Page 55 - Mann Ki Baat Hindi
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सकतिे हैं, और वह भी कम से कम पूंजी   फयू्ल) : नॉन-ररसटाइकल होने वटालटा
          की लटागति पर।                        जवलनशील कचरटा सीमें् पलटां् के
              चेन्नई में तकनीकी नवाचार         डलए फयूल में िदलटा जटातिटा है, जो
              यह डमशन चेन्नई के ति्ों और अनय   कोयले की जगह लेतिटा है।
          प्मुख शहरों में उन्नति लैंिडफल मटाइडनंग   समुद्र  ति्  से  जुड़ी  यह  कोडशश
          (िटायोमटाइडनंग)  के  जररए  औद्ोडगक-सतिर   दशटा्षतिी  है  डक  जि  शटासन,  पटारदडश्षतिटा
                                ु
          पर अपने सववोच् मुकटाम तिक पहँच चुकटा है।   और  प्ौद्ोडगकी  कटा  डमलन  होतिटा  है,  तिो
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          बल पलन् जैसी संस्थटाएँ डवशटाल पुरटाने िमप   चेन्नई  के  िड़े  लैंिडफल  जैसी  सिसे
                े
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          स्थलों से भडम पुन: प्टापति करके से जमीन   िड़ी पयटा्षवरणीय चुनौडतियटाँ भी हल की जटा
                  ू
                                 ्फ
          वटापस लेकर जीरो वेस् और सकुलैरर्ी के   सकतिी हैं।
          िीच की खटाई को कम कर रही हैं।        अरुणटाचल की नडदयों से चेन्नई के
              2016 से इस पहल ने 1.7 करोड़    लैंिडफल तिक कटा सफर डदखटातिटा है डक
          ्न  से  अडधक  कचरे  कटा  प्संसकरण   ‘सवचछतिटा’ अि डसफ्फ एक सरकटारी आदेश
          डकयटा है और 2,000 एकड़ जमीन को     नहीं है; यह एक सटाझटा ‘रटा्ट्रीय धड़कन’
          वटापस पटायटा है। यह प्डकयटा िहुति उन्नति   है। चटाहे डकसी सवयंसेवक कटा जोशीलटा
          है, डजसमें जैडवक चीजों को ररसटाइकल   ‘जय  डहंद’  हो,  नटागटाँव  के  कमयुडन्ी
          होने वटाली चीजों से अलग करने के डलए   पें्बश  हों,  िेंगलुरु  के  इंजीडनयर  के
          अतयटाधुडनक  प्ौद्ोडगकी  कटा  इसतिेमटाल   एनटाडलड्कल  ्ूलस  हों,  यटा  चेन्नई  की
          डकयटा जटातिटा है। उदटाहरण के डलए:  एिवटांसि  िटायोमटाइडनंग  मशीनें  हों,  जन
             x  बमट्ी और पतिर : वटापस पटाई गई   भटागीदटारी वह इंजन है जो भटारति को एक
              डनक्कय  सटामग्ी  कटा  सड़क  िनटान  े  सटाफ भडव्य की ओर ले जटा रहटा है। जैसटा
                        े
              में दोिटारटा इसतिमटाल डकयटा जटातिटा है,   डक ये अलग-अलग प्ोजे्् डदखटातिे हैं,
              डजससे नए खनन की जरूरति नहीं   हर एक कोडशश, जि लटाखों लोगों की
              पड़तिी।                        संखयटा में िढ़ जटातिी है, तिो देश को िदलने
             x  आरिीएि  (ररफयूज  िेराइवि    की तिटाकति रखतिी है।

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