Page 53 - Mann Ki Baat Hindi
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रूप में पररणति कर डदयटा है। 2016 में
          ई्टानगर में एक स्थटानीय प्यटास के तिौर
          पर  शुरू  हुआ  यह  डमशन  नटाहरलटागुन,
          सेपपटा  और  पटाडलन  जैसे  इलटाकों  को
          कवर  करतिे  हुए  कई  शहरों  में  फैल
          गयटा है।
              इस पहटाड़ी इलटाके में चुनौडतियटाँ िहुति
          िड़ी हैं। आईसीआर (ई्टानगर कैडप्ल
          रीजन) की नडदयटाँ घरेलू, मेडिकल और
          पलटाकस्क  कचरे  से  कटाफी  गंदी  ्थीं।
          सवयंसेवक अ्सर ‘डमशन मोि’ में कटाम
          करतिे  हैं,  मुक्कल  इलटाकों  से  होतिे  हुए
          ट्री्में्  पलटां्  तिक  भटारी  कचरे  के  िैग
          हटा्थ से ले जटातिे हैं। सटाजो-सटामटान समिंधी
          डद्कतिों जैसे कचरे को 20 डकलोमी्र
          दूर िमप सटाइ् तिक ले जटानटा और सरकटारी
          मशीनरी की कमी के िटावजूद, युवटाओं की
          इस पहल ने 11 लटाख डकलोग्टाम से अडधक
          कचरटा सफलतिटापूव्षक ह्टायटा है। उनकटा
          कटाम इस िटाति पर जोर देतिटा है डक ‘नडदयों
          और पहटाड़ों की जमीन’ को सटाफ रखनटा
          एक संवैधटाडनक और नटागररक डजममेदटारी
          है।


























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