Page 28 - Mann Ki Baat (Hindi)
P. 28

ं
                                     स्माट्ट इवड्या हैकाथॉन (SIH) प्धानमत्री नरोन्द्र
                                                                     े
                                                                 ं
                                 मोदी के ‘बवकबसत भारत@2047’ की पररोक्कपना के
                                                        ें
                                         ू
                                 एक महत्तिपणमा आधारो के रूप म सामने आ्या है। ्यह
                                                                    ु
                                 एक ऐसा पररोितमानकारोी मंच है, जहाँ भारोत के ्यिाओं
                                 की रोचना्वमक प्वतभा का उप्योि देश की िास्तविक
                                 चुनौवत्यों  के  समाधान  के  वलए  वक्या  जाता  है।  एक
                                 साधारोण प्वत्योविता से आिे बढ़करो रोाष्ट्व््यापी आंदोलन
                                 के रूप म विकवसत होते हुए SIH, छात्रों को नौकरोी
                                        ें
                                 तलाश करोने के बजा्य निाचारो के क्ेत्र म नेत्वि प्दान
                                                                 ृ
                                                              ें
                                 करोने की शत्क्त देता है वजससे विवभन्न सरोकारोी विभािों
                                 की  जवटल  समस््याएँ  व््यािहाररोक  समाधानों  म  बदल
                                                                  ें
                                                      ं
                                 जाती ह। इस पहल परो प्धानमत्री के विशेष िोरो देने स  े
                                      ैं
                                 देश एक उ्वपाद-आधाररोत रोाष्ट् की ओरो अग्सरो होता
                                 है, जहाँ 13 लाख से अवधक छात्रों की व््यापक भािीदारोी
                                                         ु
                                 निाचारो को सिमासुलभ बनाते हुए सवनत्श्चत करोती है वक
          डॉ. अभय जेर े          ‘समाधानों का अमृत’ देश के हरो कोने से प्िावहत हो।
             उपाध््यक्
                                                                      ं
        AICTE एिं मुख््य निाचारो   इस सह्योिा्वमक तंत्र के माध््यम से, माननी्य प्धानमत्री
             अवधकारोी            की  पररोक्कपना  औरो  SIH  वमलकरो  ऐसे  भविष््य  का
            वशक्ा मत्राल्य       वनमामाण करो रोहे ह, जहाँ सामावजक जािरूकता, तकनीकी
                ं
                                            ैं
                                 पररोपक्िता औरो उद्मशीलता की अटूट भािना के साथ
       स््मार््ट इंडिया          ्यिा भारोत िैत्श्िक मंच परो नेत्वि प्दान करोता है।
                                                      ृ
                                  ु
                                                      ें
                                     युवाओं की अिुआई म नवाचोार: राष्ट् बनमा्यण
       हैकाथॉन                   की धड़कन  ं                          ं
                                     स्माट्ट इवड्या हैकाथॉन केिल 36 घंटे का कोवडि
                                  ै
                                                                   ं
       2025                      मरोाथन मात्र नहीं है अवपतु ्यह माननी्य प्धानमत्री के
                                 उस विश्िास की सशक्त अवभव््यत्क्त है वक ‘आज के
                                 ्यिा केिल भविष््य ही नहीं, हमारोे ितमामान के भी वनमामाता
                                  ु
                                  ैं
       एक ऐसा मंच जहाँ           ह।’ SIH सरोकारोी विभािों औरो उद्ोिों की िास्तविक
                                 चुनौवत्याँ छात्रों के समक् रोखकरो उन्ह वकताबी वशक्ा स  े
                                                           ें
                                                              ें
                                 आिे बढ़ने को प्ेररोत करोता है। ्यह उन्ह तकनीक का
       अग्रणी है ्यिा भारोत      केिल ‘उपभोक्ता’ बनने के बजा्य ‘उ्वपादक’ बनने का
                  ु
                                 सशक्त अिसरो देता है।
                                     रोेलिे सरोक्ा के वलए एआई-संचावलत प्णावल्या  ँ
                                           ु
                                                   कृ
                                 विकवसत करोनी हो ्या कवष दक्ता के वलए कम लाित
                                 िाला हाड्टिे्यरो बनाना हो, SIH ऐसा आधारो प्दान करोता
                                 है जो ्यिाओं के नेत्वि म होने िाले निाचारो से रोाष्ट्
                                       ु
                                                   ें
                                                ृ
                                 वनमामाण को सीधे प्भावित करोता ह ै
                                      28
                                      28
   23   24   25   26   27   28   29   30   31   32   33