Page 55 - Mann Ki Baat - Hindi
P. 55
मेरा मानना है वक ्यवद इसे उन
वकसानों के विए भी शुरू वक्या
जाए जो अंतरफसि के रूप में
कॉफी उराते हैं, तो एक वदन इस
क्षेत् में 16,000 हेकटि़े्यर िीची
की खेती की जा सकती है, जो
भारत की मांर के एक वहससे को
पतूरा करने के विए प्या्गपत है।
्यह आ्य देश और हमारे िोरों
के विए बहुत बडी सेवा होरी।
माननी्य प्रधानमंत्ी नरेनद्र मोदी
ने ‘मन की बात’ का्य्गक्रम में
िीची की खेती के संदभ्ग में मेरा
नाम वि्या, इस पर मुझे अत्यंत
रव्ग और प्रसन्नता की अनुभतूवत
हुई।
जथरु ्ीरणा अरणािु, कृषक,
्जमलनणाडु
मेरे फैसिे पर शुरुआत में
बहुत िोरों ने शक जता्या और
मज़ाक भी उडा्या। िोरों ने मुझे
़े
समझा्या वक सेब ठंड मौसम में
ही उरते हैं, जबवक बारिकोटि
का तापमान अकसर 40 वडग्री
से ज्यादा होता है। आज बहुत
से वकसान ्यहाँ आते हैं और
सेब की इस काम्याब खेती
को अपनी आँखों से देखकर
हैरान होते हैं। मैं उनहें अपने
तू
सेब भी देता हँ तावक वे खुद
इसका सवाद और रंर देखकर
समझ सकें वक मेहनत से क्या
हावसि वक्या जा सकता है।
सच्ी मेहनत और काम्याबी
पर अपने ्यक़ीन के साथ कोई
भी िक््य हावसि वक्या जा
सकता है। मैं वदि से प्रधानमंत्ी
मोदीजी का शुवक्र्या अदा करता
हँ वक उनहोंने मेरी कोवशशों को
तू
पहचाना और सराहा।
श्ी शैल ्ेली, कृषक,
51 51 बणागलको्ट, कनणाजा्टक

