Page 49 - Mann Ki Baat Hindi
P. 49
“शुरुआति में हमटारटा मुखय उद्े्य “हमटारटा मटाननटा है डक भटारटा को डववटाद
े
यूनेसको के भीतिर एक नई श्णी की कटा स्ोति िनने के िजटाय समझ कटा एक
वकटालति करनटा ्थटा... हमटारटा मटाननटा ्थटा मटाधयम िननटा चटाडहए। इस उद्े्य के डलए
कृ
डक 'सटांसकडतिक' और 'डनडम्षति' डवरटासति सोसटाय्ी डकसी भी ध्रुवीकरण के डिनटा
के सटा्थ-सटा्थ, दुडनयटा को उन मूति्ष और भटारटायी डवरटासति की वयटापक सरटाहनटा को
अमूति्ष आधयटाकतमक परमपरटाओं को भी िढ़टावटा देतिी है।”
पहचटाननटा चटाडहए जो पूरी मटानवतिटा की हैं।” इसी सोच के तिहति सोसटाइ्ी ने
हटालटाडक, िटाद में उनहोंने अपनी ऊजटा्ष 2025 में ‘द डहंदू ग्प’ की डनम्षलटा लक्मण
ु
ँ
कृ
को ‘सटांसकडतिक कू्नीडति’ की ओर मोड़टा के सटा्थ डमलकर एक डवशेर आयोजन
और भटारति-मलेडशयटा के सटाझटा इडतिहटास डकयटा, जो मलेडशयटाई तिडमल िटायसपोरटा
को दसतिटावेज करने कटा िीड़टा उठटायटा। की भटारटायी डवरटासति कटा जश्न ्थटा। इसके
कृ
भाषा: बद्लों को जोड़ने का माधयम अलटावटा, वे संसकति और अनय भटारतिीय
कृ
भटारटा डकसी भी संसकडति की पहचटान भटारटाओं के महतव को भी लोगों तिक पहुँचटा
होतिी है। मलेडशयटा में भटारतिीय समुदटाय रहे हैं।
डसफ़्फ भटारटा को ही नहीं, िकलक उस क्ला और संगीत: जहाँ सरहदें
भटारटायी डवरटासति को संरडक्षति कर रहटा है बम्ट जाती हैं
जो सडदयों से चली आ रही है। श्ी नटायर संगीति और डसनेमटा, ये दो ऐसे जटादुई
कटा नजररयटा इस मटामले में िहुति सप्् है। मटाधयम हैं जो डिनटा डकसी वीजटा के डदलों
वे कहतिे हैं: में उतिर जटातिे हैं। श्ी नटायर ितिटातिे हैं डक
49
49
49

