Page 46 - Mann Ki Baat Hindi
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अनंतिनटाग डजले के शेखगुंि गटाँव के रहने   पक्चम िंगटाल के पूव्ष मेडदनीपुर डजले के
        वटाले श्ी मीर जटाफर की है। जि उनहोंने   फरीदपुर में मौजूद एक संस्थटा डववेकटानंद
        अपने गटाँव के युवटाओं को तिमिटाकू, शरटाि   लोकडशक्षटा  डनकेतिन  इस  कहटावति  कटा
        और मटादक पदटा्थषों की की लति में पड़तिे   मतिलि सही सटाडिति करतिी है।
        देखटा, तिो उनहोंने गटाँव के सभी लोगों को   भटारति  सरकटार  के  अलग-अलग
        अपनटा पररवटार समझटा और उनहें गटाँव को   मंत्रटालयों  के  सम्थ्षन  से,  यह  ‘डमशन
        नशटा-मु्ति िनटाने के इस कटाम में सटा्थ   वटातसलय’ के तिहति में्ली चैलेंजि लड़कों
        देने के डलए मनटायटा।              के  डलए  एक  होम,  एक  डवशेर  आश्य
                             ू
            वे कहतिे हैं, “यह दभटा्षगयपण्ष है डक हम   एजेंसी, और कमजोर एवं डनरटाडश्ति िच्ों
                         ु
        शरटाि पर िैन न लगटाने के डलए सरकटार   के डलए एक ओपन शेल्र चलटातिटा है। यह
        को दोरी ठहरटातिे हैं। इससे कोई फक्फ नहीं   िुजुग्ष मडहलटाओं के डलए एक ओलि एज
        पड़तिटा। फक्फ इस िटाति से पड़तिटा है डक हम   होम भी चलटातिटा है, जहटाँ उनहें रहने की
                                  ु
        नटागररक के तिौर पर ्यटा कर रहे है? पडलस   जगह, कटाउंसडलंग और अचछी देखभटाल
        और सेनटा अपनटा कटाम कर रही हैं, लडकन   डमलतिी  है;  और  डहंसटा  ति्थटा  सटामटाडजक
                                  े
        ्यटा मैं एक नटागररक के तिौर पर अपनी   प्तिटाड़नटाओं  से  परेशटान  मडहलटाओं  के
            े
                          ू
        डजममदटाररयटाँ डनभटा रहटा हँ? मेरटा मटाननटा   ह  ै  पुनवटा्षस और सश्तिीकरण के डलए शक्ति
        डक अगर कोई इंसटान अपनी सोच िदलतिटा   सदन  को  मैनेज  करतिटा  है।  संगठन  के
        है,  तिो  समटाज  खुद  िदल  जटातिटा  है।”  व  े  महटासडचव श्ी गौतिम कुमटार शसमल ितिटातिे
        ितिटातिे हैं डक उनके डपतिटा खुद एक सडनक   हैं, “इन सभी अलग-अलग डकयटाकलटापों
                                  ै
               ें
        ्थे, डजनह देश के मटाननीय प्धटानमत्री द्टारटा   के मटाधयम से, हमटारटा आगे कटा लक्य मटानव
                                ं
        उनकी सफल कोडशशों को पहचटान डमलन  े  संसटाधन कटा इसतिेमटाल करके हर तिरह की
             ु
        पर िहति गव्ष होतिटा।              सटामटाडजक असमटानतिटा और मडहलटा-पुरुर
                कृ
            संसकति में एक मशहूर कहटावति है -   भेदभटाव को दूर करनटा, जरूरतिमंद लोगों
        ‘सेवटा परमो धम्ष’, डजसकटा मतिलि है ‘सेवटा   के सटा्थ खड़े होनटा, डदवयटांग लोगों की मदद
        ही सिसे िड़टा धम्ष है’। सवटामी डववेकटानंद   करनटा और उनहें समटाज की मुखयधटारटा में
        के डवचटारों और आदशषों से प्ररति होकर,   लटानटा है। कुल डमलटाकर, हमटारटा मकसद है
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