Page 44 - MANN KI BAAT (Hindi)
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अंतहरक्ष में उपग्ि डॉहक ं ग और पौधे उगाना
भारि की महत्त्पूर्ण उपिब्धि
में कक्षा में बने रहें। ऐसी तकनीक में
खिशेषज्ाता एक समय में एक खमशन के
खलए अंतररक्ष बुखनयािी ढाँचे के खनमा्षण
का माग्ष प्रशसत करती है।
अंतररक्ष डॉखकंग खनससंिेह एक
बहुत ही चुनौतीपण्ष प्रयास है, हालाखक
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यह िीखडयो में बहुत सरल लग सकता
है। सराहनीय बात यह है खक डॉक खकए
डॉ. िी. नारायणन जाने िाले िो अंतररक्ष यान लगभग
सखचि, अंतररक्ष खिभाग 27,000 खकमी/घंटा की गखत से यात्रा
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अधयक्ष, इसरो और अंतररक्ष आयोग करेंगे। ये हर 90 खमनट में प्थिी की
परररिमा करेंगे, यहाँ तक खक छोटी-सी
गलती भी डॉक करने के अिसर को
िो सकती है। ऐसा इसखलए है, कयोंखक
िो िसतओं को एक सीधी रिा में लान े
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के खिपरीत अंतररक्ष यान की गखत पूरी
तरह से अलग होती है। तीन अक्षों के
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भारत सरकार ने हाल ही में अमृत साथ गखत यकगमत होती है और एक अक्ष
काल के िौरान भारतीय अंतररक्ष में कोई भी अिखशषट गड़बड़ी िूसरे को
काय्षरिम के खलए एक खिसताररत प्रभाखित करेगी। इसखलए एक-िूसरे के
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िकषटकोण की रूपरेिा तैयार की है। समबध में अंतररक्ष यान का संरिण
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इसमें 2035 तक एक भारतीय अंतररक्ष बहुत सखत सहनशीलता के भीतर
सटेशन और 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय होना चाखहए। यह आिशयक है खक िोनों
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लैंखडंग की पररकलपना की गई है। ऐसे अंतररक्ष यान अपने िेग और प्रक्षप पथ
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जखटल और चुनौतीपूण्ष खमशनों को पूरा के समबध में लगभग पण्ष सामंजसय
करने में एक अपररहाय्ष तकनीक, में हों। इसखलए डॉक करने की क्षमता
अंतररक्ष डॉखकंग के क्षेत्र में िक्षता है। के खलए सभी प्रणाखलयों से खबना खकसी
बहुत वयापक सतर पर यह िो अलग- त्रुखट के घड़ी की तरह सटीकता की
अलग अंतररक्ष यानों को एक साथ लाने आिशयकता होती है।
की क्षमता है, ताखक िे एक इकाई के रूप डॉखकंग क्षमता के खलए इसरो की
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