Page 40 - Mann Ki Baat Hindi
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मोटापे क खखलाफ एकजुट संघष्थ
े
छोटी कोशििें, बड़ी सफलता
मोटापा आज के सम् में सबस े
एक fit और Healthy Nation बनन े
के दलए हमें Obesity की समस्ा स े गमभीर स्ास्थ् समस्ाओं में से एक
े
दनपटना ही होगा। बन ग्ा है। तज़ी से बढ़ती शहरीकरण की
– प्धानमंत्री नरेनद्र मोिी प्दरि्ा, खान-पान की बिलती आितें और
(‘मन की बात’ समबोधन में ) आलस् से भरी जी्नशैली ने मोटाप े
ं
की िर को और बढ़ा दि्ा है। प्धानमत्री
मोिी जी ने अपनी ‘मन की बात’ में कहा,
“बीते ्र्षों में Obesity के मामले िोगुन े
हो गए हैं, लदकन इससे भी ज्ािा दचंता
े
की बात ्ह है दक बच्ों में भी मोटापे की
समस्ा चार गुना बढ़ गई है। WHO का
ु
data बताता है दक 2022 में िदन्ा-भर में
करीब ढाई सौ करोड़ लोग overweight
थे, ्ानी आ्श्कता से भी कहीं ज्ािा
्जन था। ्े आँकड़े बेहि गमभीर हैं और
हम सभी को सोचने पर मजबूर करते हैं
दक आदखर ऐसा क्ों हो रहा है? अदधक
्जन ्ा मोटापा कई तरह की परेशादन्ों
को, बीमारर्ों को भी जनम िेता है।
मोटापे से जुड़ी स्ास्थ् समस्ाएँ
मोटापा व्लकत के जी्न की
गुण्त्ता को गमभीर रूप से प्भाद्त कर
“कम बैठें, ज्ािा चलें, व्ा्ाम को सकता है और कई पुरानी बीमारर्ों का
अपने जी्न का अदन्ा्मा दहससा कारण बन सकता है। मोटापे से जुड़ी
बनाएँ और रोज़ाना कम से कम 30
दमनट का व्ा्ाम करें।” कुछ प्मुख स्ास्थ् समस्ाएँ इस
-रुजुता दि्ेकर प्कार हैं :-
पोर्ण द्शेर्ज्ा हृि् रोग : मोटापा हृि् रोग का
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