Page 35 - Mann Ki Baat Hindi
P. 35
े
भारत्रीय खेलों क उभरते ससतार े
शूसटंग मुझे खयाि इिसलए लगरी ््ोंसक ्ह सििफ़
हुनर कया नहीं बम्क अनुशयािन, ि््श और एकयाग्रतया
ै
ु
कया खेल है। खद को शयांत रखने के सलए मैं सन्समत
छे
ं
सदनच्या्श ििे मेसडटशन, किरत और गहररी ियाि
ै
लेनया आसद कया पयालन करतया हूँ। ्े िब मुझे मैच
के दौरयान ध्यान केंसद्रत करने में मदद करते
हैं। मयाननरी् प्रियानमंत्रीिरी, ‘मन करी बयात’
में आपकया मेरे बयारे में बोलनया मेरे सलए
सिनदगरी भर कया िममयान है। इि पहचयान
ने मुझे और मेहनत करने और अनुशयािन
और ि््श के मू््ों को बनयाए रखने के
ै
सलए और ज्यादया प्रेररत सक्या है।
-गेविन एंटनरी, शूटर, कनातिटक
31 31

