Page 30 - Mann Ki Baat Hindi
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जाता था, उनहोंने ्ह सुदनलशचत करने के
                                          दलए अथक संघर्मा दक्ा दक सत्री-पुरुर्
                                          समानता  नए  स्तंत्र  राष्ट्  के  कानूनी
                                          ढाँचे में अंतदनमादहत हो। उनहोंने भेिभा्पूणमा
                                          कानूनों को चुनौती िी और ऐसे सुधारों
                                          पर जोर दि्ा जो द््ाह, द्रासत और
                                          राजनीदतक प्दतदनदधत् में मदहलाओं के
                                          अदधकारों की रक्ा करेंगे। उनके प्भा्
                                          ने सुदनलशचत दक्ा दक भारत मदहलाओं
                                          के  अदधकारों  के  प्दत  प्गदतशील
                                           ृ
                                          िलष्टकोण अपनाए।
                                              ्लश्क  मंच  पर,  मान्ादधकारों
                                               ै
                                          की  सा्माभौदमक  घोर्णा  (UDHR)  को
        दशक्ा और आदथमाक स्तंत्रता की दहमा्त   तै्ार करने में हंसा मेहता की भूदमका
        करने  में  महत््पणमा  ्ोगिान  दि्ा।   एक  ऐदतहादसक  उपलल्ध  बनी  हुई  है।
                       ू
        उनहोंने सत्री-पुरुर् असमानता को समापत   सं्ुकत  राष्ट्  मान्ादधकार  आ्ोग  में
        करने के दलए अदखल भारती् मदहला     भारत  के  प्दतदनदध  के  रूप  में  उनहोंने
            े
        सममलन काे, द्शर् रूप से कानूनी और   एलेनोर रूज््ट के साथ काम दक्ा
                                                     े
                      े
        रोजगार के क्ेत्रों में, एक मजबूत मंच के   और ‘सभी आिमी स्तंत्र और समान
        रूप में सथादपत दक्ा।              पैिा  होते  हैं’  ्ाक्ांश  को  बिलकर
            हंसा  मेहता  का  ्ोगिान  भारती्   ‘सभी  मनुष््  स्तंत्र  और  समान  पैिा
        संद्धान  के  प्ारूपण  में  भी  था।  ्ह   होते हैं’ करके एक महत््पूणमा संशोधन
        संद्धान सभा में शादमल कुछ मदहलाओं   दक्ा। ्ह छोटा-सा लेदकन प्भा्शाली
        में  से  एक  थीं।  ऐसे  सम्  में  जब   रिांदतकारी परर्तमान था, दजसने सदि्ों
        मदहलाओं  की  आ्ाज़  को  राजनीदतक   से चली आ रही पुरुर्-प्धान कथाओं को
        द्मशमा  में  अकसर  िरदकनार  कर  दि्ा   चुनौती िी और मान्ादधकार द्मशमा में



















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