Page 31 - Mann Ki Baat Hindi
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सत्री-पुरुर् समा्ेशी भार्ा के दलए एक   क्ोंदक सत्री-पुरुर् समानता के दलए चल
           ै
                                                           ं
          ्लश्क दमसाल का्म की।              रहे संघर्मा में ्ह प्ासदगक बना हुआ है।
              हंसा  मेहता  के  अथक  प््ासों   उनका ्ोगिान हमें ्ाि दिलाता है दक
          ने  मदहला  नेताओं  की  एक  नई  पीढ़ी   समानता प्ापत करना एक सतत प्दरि्ा
              े
          को  प्ररत  दक्ा  जो  भारत  के  कानूनी,   है दजसके दलए कानूनी, सामादजक और
          राजनीदतक  और  शदक्क  पररिृश्  का   सांसकदतक  बिला्ों  की  आ्श्कता
                         ै
                                                 कृ
          दनमामाण करना जारी रखती हैं। हंसा मेहता   होती  है।  उनकी  द्रासत  मदहलाओं
          ने  दजन  नीदत्ों  को  प्भाद्त  दक्ा,  ्  े  के  अदधकारों  का  समथमान  करने  ्ाल  े
                                    े
                                              ं
          राजनीदत, शासन और सा्माजदनक स्ा में   आिोलनों को प्ररत करती है, खासकर
                                                       े
          मदहलाओं की बढ़ती भागीिारी का मागमा   द्कासशील  िेशों  में  जहाँ  सत्री-पुरुर्
          प्शसत  करती  हैं।  उनका  प्भा्  दशक्ा   असमानताएँ अब भी बनी हुई हैं।
          जगत में भी फैला, क्ोंदक उनहोंने भारत   हंसा  जी्राज  मेहता  की  द्रासत
          में एक द्श्द्द्ाल् (एमएस ्दन्दसमाटी,   सत्री-पुरुर्  समानता  का  प््ास  करन  े
                                 ू
          बड़ौिा)  की  पहली  मदहला  कुलपदत  के   ्ाली पीदढ़्ों के दलए आशा और प्रणा
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          रूप में दज़ममेिारी संभाली। उनहोंने ऐस  े  का  प्तीक  है।  सत्री-पुरुर्  समानता  का
          सम् में मदहलाओं के दलए उच् दशक्ा   संघर्मा जारी है, और हंसा जी्राज मेहता
          की दहमा्त की, जब मदहलाओं के दलए   का ्ोगिान िृढ़ संक्प तथा दहमा्त
          सामान् दशक्ा भी िूभर थी।          की शलकत के दलए एक समृद्ध द्रासत
              जैसा दक हम 8 माचमा को अंतरराष्ट्ी्   है।  हंसा  मेहता  की  कहानी  हमें  ्ाि
          मदहला दि्स के रूप में मनाते हैं, ्ह हमें   दिलाती है दक मदहलाओं के अदधकारों की
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          हंसा मेहता के काम को और भी अदधक   लड़ाई के्ल एक प्मा्तजी उपलल्ध नहीं ह  ै
                                                           ं
          पहचानने  का  अ्सर  प्िान  करता  है,   बल्क एक सतत आिोलन है।
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