Page 50 - Mann Ki Baat (Hindi)
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        तवमल  सिमम  (KTS  4.0)  के  चौथ  े  से िारोाणसी आए थे। पाठ्यक्रम बातचीत
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                                    ं
        संस्करोण का मुख््य केंद्री्य वशक्ण अि   करोने की बवन्यादी जानकारोी देने औरो
        था। इस संस्करोण में तवमल भाषा सीखन  े  सांस्ककृवतक  जािरूकता  पैदा  करोने  के
                                                  ै
        को वििन का प्मुख भाि बना्या ि्या था   अनुसारो त्यारो वक्या ि्या था।
        वजससे इस मान््यता को सिामावधक महत्ति   इस  का्यमाक्रम  के  िहरोे  प्भाि  का
                                                                  ु
        वमला वक सभी भारोती्य भाषाएँ एक ही   ठीक-ठीक  अंदािा  इन  ्यिा/बाल
                                                      ु
                                    ु
        साझा  भारोती्य  भाषा  पररोिारो  से  जिी   विद्ावथमा्यों की िबानी सुनकरो ही लिा्या
        हैं। इस प्कारो, ्यही सीधा-सरोल औरो   जा सकता है। इस आश्य के िीवड्यो में
        सशक्त  संदेश  वमलता  है  वक  ‘भाषा्यी   िारोाणसी के उद्य प्ताप इंटरो कॉलेज के
        विविधता सांस्ककृवतक एकता को सशक्त

        बनाती है।’
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            ्यह  आ्योजन  'एक  भारोत  श्ष्ठ
        भारोत' वमशन के तहत वक्या ि्या था।
        इसका मुख््य उद्श््य िारोाणसी में स्कूली
                     े
        बच्ों को तवमल वसखाना था। ्यह प््यास
        तवमलनाडु के उन वशक्ण संस्थानों औरो
        भाषा  विशेषज्ों  के  सह्योि  से  चला्या

        ि्या था जो कक्ाएँ लेने के िास्त िहा  ँ
                                  े

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