Page 45 - Mann Ki Baat (Hindi)
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खुदाई में वमला सबसे महत्तिपूणमा
साक्ष्य एक ‘डा्यपरो-पैबल/रोबल दीिारो’ है
जो पूिमा-पत्श्चम वदशा में समानांतरो िैली
है। ्यह वकसी विशाल स्थाप्व्य पररोसरो
की आधारोवशला होने का संकेत देती है।
इसका घुमाि औरो संरोेखण तथा अन््य
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सम्बंवधत संरोचना्वमक विशेषताएँ इस िहानपोरोा बारोामूला स्थल
बात की प्बल पुत्ष्ट करोती हैं वक ्यह एक पूणमा मानि कंकाल भी वमला। उसकी
अध्यवृत्ाकार चोैत्य या प्राथ्यना सभािार टेम्पोरोल बोन (कणामात्स्थ) के पेट्स भाि
का वहस्सा रोही होिी। ्यह इससे पहले को डीएनए विश्लेषण के वलए एकत्र वक्या
श्ीनिरो के हरोिान स्थल में वमले कश्मीरोी ि्या है, वजससे अानुिांवशक िंशािली
स्थाप्व्य का अपेक्ाकत दुलमाभ रूप है। औरो जनसंख््या इवतहास के पुनवनमामामाण में
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इसके अवतररोक्त, अन््य साक्ष्यों में बिी मदद वमलेिी। इस खोज ने उस काल
तादाद में ईंटों के टुकिे, चूना पलस्तरो में प्चवलत अं्व्येत्ष्ट प्थाओं के प्वत भी
िाली सतहें तथा बिे वशलाखंड शावमल वजज्ासा उ्वपन्न की है। इसके अवतररोक्त,
हैं वजनमें कुछ ध्िस्त स्तम्भ ्या सुपरो- खुदाई में वमट्ी के बतमान (पॉटरोी), को्यला,
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स्ट्क्चरोल तत्ति हैं। पशुओं की हवडि्याँ, सेरोवमक, टेरोाकोटा
मुख््य स्तूप के वनकट की िई खुदाई तथा धातु के बने पुरोािशेष भी बिी संख््या
में मिबूती से बना पुश्ता (बट्स) तथा चूना में वमले हैं वजनमें लोहे की कीलें, वपन,
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पलस्तरो की नींि वमली जो प्यामािरोणी्य ब्केट, छिें, ताँबे की वपन औरो ताँबे की
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क्रोण/दबाि का सामना करोने के उद्श््य से बावल्याँ शावमल हैं। खुदाई में अब तक
अपनाई िई उन्नत अवभ्यांवत्रक तकनीक वमली अन््य उ्कलेखनी्य िस्तुओं में काँच
दशामाती है। खुदाई के दौरोान एक लिभि की चूवि्यों के टुकिे, एक कौिी शंख
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बारोामूला त्स्थत स्तप टीले के अिशषों की तस्िीरो (1925), विमे सग्हाल्य, पेररोस, फ्रास
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