Page 48 - Mann Ki Baat (Hindi)
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काशी से ड़िजी को
जोड़ती तवमल
भारोत का सांस्ककृवतक बल उसकी िहन विविधता में है औरो इसकी एकता की
सही झलक तभी वदखाई देती है जब इसके विवभन्न भाि एक-दूसरोे के ्व्योहारोों को
परोम्परोाित धूमधाम से मनाते हैं। इसका बिा सशक्त उदाहरोण है तवमल भाषा में रुवच
बढ़ाने की वदशा में हो रोही पहल जो देश के भीतरो तो हो ही रोही है, अंतरोरोाष्ट्ी्य मचों
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परो भी चलाई जा रोही है। प्शांत क्ेत्र के वफ़जी द्ीप से प्ाचीन काशी (िारोाणसी) निरोी
तक बच् तवमल भाषा को अपना रोहे हैं वजससे सांस्ककृवतक सम्बंधों का विकास होने के
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साथ-साथ रोाष्ट्ी्य एकता को भी बढ़ािा वमल रोहा है।
अंतरोरोाष्ट्ी्य मोचदे परो, वफ़जी में रोह रोहे भारोती्य समुदा्य के लोि अपने भाषा्यी मूल
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से विरो जिने की वदशा में प््यास करो रोहे हैं। जैसा प्धानमत्री नरोन्द्र मोदी ने 'मन की
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बात' के 129िें सम्बोधन में बता्या, वफ़जी की नई पीढ़ी को तवमल भाषा से जोिने की
िोरोदारो कोवशशें की जा रोही हैं क््योंवक तवमल भाषा उनकी विरोासत का बहुत ही अहम
अि है। रोाकी-रोाकी के एक स्कूल में तवमल वदिस का आ्योजन इस वदशा में खास
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उपलत््धध रोही है। इस अिसरो परो बच्ों ने तवमल कविताओं का पाठ वक्या औरो तवमल
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