Page 67 - Mann Ki Baat - Hindi
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इत्याफदो  के  फलए  भारी  लागत  का

          भुगतान करते हैं।
                    े
                x  फवदोशों  (प्ारूपों)  स  े
          खरीदोे  गए  लाइसेंफसंग  प्ारूपों
          के  फलए  शुल्क  का  भुगतान
          करना और फिर उन्हें भारतीय
          भार्ाओं  में  बनाना  ताफक
          जोफखम से बचा जा सके। (यह

          दोूसरे तरीके से होना चाफहए–
          हमें प्ारूपों का फनया्षत करना
          चाफहए)
                x  कहाफनयों  की  रचना
          करने  और  कहानी  फनमा्षण  के  फलए
          तकनीकी उपकरण तथा सॉफ्टवेयर का
          आफवष्टकार करने में फवचारों की सुरक्ा के फलए फवत्त
                          ं
          पोर्ण और सहायक तत् को सक्म करके।
                                              े
                x  चँफक  हम  फिल्म  बाजारों  में  भाग  लते  हैं,
                  ू
          फिल्म  खंड  भारत  के  एम  एण्ड  ई  में
          केवल 9 प्फतशत का योगदोान दोेता है।
          हमें इसी तरह ‘वेव्स इंटरनेशनल’
          पहल पर फवचार करना चाफहए और
          गेम्स,  एक्सआर,  वीएिएक्स,
          एफनमेशन के काय्षक्रमों में भाग

                                 े
          लेना  चाफहए।  इनमें  से  प्त्यक
                              े
          मामले  में,  एक  वेव्स  पैवफलयन
          होना  चाफहए,  जो  उन  बाजारों  में
                        े
          भारत/इफडया  पैवफलयन  का  पया्षय
                ं
          बन  जाना  चाफहए।  इफडया  वेव्स  इवेंट  तभी
                          ं
          प्भावी रूप से, एनेसी (एनीमेशन), एिएमएक्स (वीएिएक्स), फकडस्क्रीन,
          सीएमसी, व्य कॉन्फ्ेंस (एनीमेशन), जीडीसी और गेम्सकॉन (गेम्स) और
                    ू
          उससे आगे के साथ वब्श्वक पारस्पररकता का फनमा्षण करता है...।
                          ै

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