Page 34 - Mann Ki Baat Hindi
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नदी के डकनटारे िसे 111 गटाँवों के प्धटानों, अनतिपुर के लोगों ने एक शप्थ ली
सडचवों और अनय कम्षचटाररयों के सटा्थ और जन-भटागीदटारी आंदोलन चलटायटा...
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वक्फशॉप की। लोगों से अपील की गई इस प्ोज्् के तिहति, लोगों ने डकसी
डक सटाफ़ जल न डसफ़्फ देखने में अचछटा से डकसी चीज की उममीद डकए डिनटा...
लगेगटा, िकलक यह आपके सवटासथय के पुरटाने पटारमपररक जलटाशयों को डफर स े
डलए भी जरूरी है। इस मडहम कटा नतिीजटा जीडवति करनटा शुरू डकयटा।“
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है डक आज यह नदी सटाफ़ हो गई है।” यहटाँ के लोगों ने, डजनमें डकसटान
अनंतपुर में बख्लता जीवन और मजदूर शटाडमल ्थे, ख़ुद तिटालटािों को
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आंध्र प्देश के अनतिपुर डजले में सटाफ़ डकयटा, चेक िैम िनटाए और 7000
जैसलमेर के िटाद सिसे कम िटाररश होतिी से ज़यटादटा पेड़ लगटाए। नतिीजटा यह हुआ
है। यहटाँ पटानी की डकललति इतिनी ज़यटादटा डक जो इलटाकटा कभी वीरटान ्थटा, आज
्थी डक लोग अपनटा घर-िटार छोड़ने को वहटाँ प्ककृडति मुसकुरटा रही है। भरति ख़ुशी
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मजिूर ्थे। लडकन यहटाँ के युवटाओं न े से ितिटातिे हैं:
तिकदीर के भरोसे िैठने के िजटाय ख़ुद
कुदटाल उठटाने कटा फैसलटा डकयटा।
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अनतिपुर के डनवटासी डिसटा्थी भरति
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ितिटातिे हैं डक कैसे ‘अनति नीरू संरक्षण’
प्ोज्् ने तिसवीर िदल दी। वे कहतिे हैं:
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“पटानी यहटाँ की सिसे िड़ी समसयटा
है... िटार-िटार सूखटा और अडनक्चति
आजीडवकटा... इसडलए, कुछ सटाल पहल े
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