Page 32 - Mann Ki Baat Hindi
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्तमसा से अनां्तपुि ्तक




                            हमटारे इकोडसस्म की संजीवनी कटा पुनरुद्टार






























                                                      े
            ‘जल ही जीवन है’, यह हम जमटाने से सुनतिे आ रहे हैं। लडकन जि नडदयटाँ सूखन  े
        लगतिी हैं और तिटालटाि िंजर जमीन में िदलने लगतिे हैं, तिो डसफ़्फ पटानी ही नहीं सूखतिटा,
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        िकलक आशटाएं भी दम तिोड़ने लगतिी हैं। लडकन भटारति के दो अलग-अलग कोनों, उत्तर
        प्देश के आजमगढ़ और आंध्र प्देश के अनतिपुर में लोगों ने यह सटाडिति कर डदयटा ह  ै
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        डक अगर इरटादे मजिति हों तिो सूखतिी नडदयों और तिटालटािों में भी डफर से जटान फूकी जटा
        सकतिी है। यह कहटानी 'जन-भटागीदटारी' की उस भटावनटा की है, डजसने असमभव लगन  े
        वटाले कटाम को भी समभव कर डदखटायटा है।

            आजमगढ़: जि नदी िनी ‘माँ’
            उत्तर प्देश के आजमगढ़ में िहने वटाली तिमसटा नदी एक समय अपने अकसतितव
        की लड़टाई लड़ रही ्थी। गंदगी, अडतिकमण और लोगों की िेरुख़ी ने इसे लगभग नटाल  े
        में िदल डदयटा ्थटा। लडकन डफर शहर के जटागरूक लोगों ने ठटानटा डक िस अि िहति हो
                                                                    ु
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        चुकटा।
            आजमगढ़ के डशक्षटाडवद् और समटाजसेवी िॉ. पवन कुमटार ितिटातिे हैं डक इस िदलटाव


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