Page 31 - Mann Ki Baat Hindi
P. 31
बवभाग/खणि: गुणवर्ा बनरीक्ण िीम: गुणवर्ा प्रबरिया: कय आई (गुणवर्ा बनरीक्ण)
ू
ू
सुधार पवत्त (बचत्र) सुधार उपरानत (बचत्र)
ै
ु
पह्ले: गुणवत्तटा से जड़ी समसयटाएँ केवल अस्थटायी रूप से ठीक की जटातिी ्थीं। िटार-िटार होने वटाले दोरों के िाद में:- मूल कटारण कटा डव्लेरण करनटा अि दडनक समीक्षटा कटा डहससटा है। कटारणों की पहचटान के डलए ्ीमें 5
्यों (why) यटा डफ़शिोन रेखटाडचत्र जैसे सटाधटारण उपटाय अपनटातिी हैं। सुधटारटातमक उपटाय दज्ष डकए जटातिे हैं और
्ष
डलए डिनटा जटाँच डकए श्डमकों यटा मशीनों को दोरी ठहरटा डदयटा जटातिटा ्थटा। सुधटारटातमक कटारवटाइयटाँ प्डतिडकयटातमक उनकी डनयडमति डनगरटानी (ट्रैडकग) की जटातिी है। समसयटाओं कटा स्ोति पर समटाधटान डकयटा जटातिटा है, और पुनरटावडत्त ृ
ं
्थीं, डजसके कटारण वही समसयटाएँ िटार-िटार सटामने आतिी रहीं। मूल कटारणों की पहचटान के डलए कोई संरडचति में कटाफ़ी कमी आयी है।
अप्रै्ल से अगसत 2025 तक पुनःकायत्त प्रबतशत में 6% कमी आयी।
डवडध नहीं ्थी। गुणवर्ा िढ़ाने से ्लगभग 35,600 रुपये की िचत।
ू
पररवति्षन यटात्रटा में मेरटा योगदटान ्यटा है? अि क्षमतिटा डनमटा्षण मंच मजिति करें।
“चलतिटा है” कटा दौर समटापति हो चुकटा है। गुणवत्तटा को हर छो्-िड़े उद्म
े
“िैस् है” कटा युग शुरू हो गयटा है। गुणवत्तटा के डलए सुलभ, डकफ़टायतिी और
कृ
से समझौतिटा करने की िजटाय उतक््तिटा आकटाक्षटातमक िनटाएँ।
ं
और सवीकटाय्ष से असटाधटारण की ओर की
यटात्रटा अि प्टारमभ होतिी है, यह हम में से हर x और भारत के हर नागररक के ब्लए:
एक से शुरू होतिी है और गुणवत्तटा के प्डति आप डजन चीजों कटा उपभोग करतिे
एक अडिग, समझौतिटा-रडहति कड्िद्तिटा के हैं, उनमें गुणवत्तटा की मटाँग करें, डजन
सटा्थ आगे िढ़तिी है। चीजों कटा उपयोग करें उनमें गुणवत्तटा
x युवा उद्यबमयों और स्टा्ट्टअपस के देखें और सरटाहें, और आप जो भी
ब्लए: पहले डदन से ही ्वटाडल्ी- कटाम करें वो गुणवत्तटा में सववोत्तम हो।
िटाय-डिजटाइन अपनटाएँ। जैि (ZED) आइए, 2026 को हम एक ऐसटा वर्ष
प्मटाणन को केवल अनुपटालन िनटाएँ डजसमें ‘गुणवत्तटा’ वटासतिव में भटारति की
की आव्यकतिटा नहीं िकलक एक ‘पहचटान’ िन जटाए। आइए, “जीरो डिफ़े््
प्डतिसपधटा्षतमक िढ़ति के रूप में देखें।
x एमएसएमई के ब्लए: सतिति सुधटार जीरो इफ़े््” को डकसी दूर के आदश्ष
कृ
ै
अपनटाएँ। प्डकयटा उन्नयन, कौशल के िजटाय अपनी दडनक कटाय्ष-संसकडति कटा
ं
डवकटास और डनरनतिरतिटा से जड़ी डहससटा िनटाएँ। आइए, मटाननीय प्धटानमत्री
ु
े
प््थटाओं में डनवेश करें। कटा यह डवजन सटाकटार करें, डजसमें मि
x िड़े उद्यमों के ब्लए: अपन े इन इंडियटा एक भरोसेमनद, सममटाडनति और
ू
आपडति्षकतिटा्ष इकोडसस्म कटा मटाग्षदश्षन वक्वक रूप से प्शडसति बटांि के रूप में
ै
ं
करें। सववोत्तम प््थटाएँ सटाझटा करें स्थटाडपति हो– एक ऐसी उपलकबध डजस पर
और गुणवत्तटा उतक््तिटा को ख़रीद हर भटारतिीय गव्ष कर सके। ्योंडक जि
कृ
प्डकयटाओं कटा एक प्मुख मटानदि
ं
ू
िनटाएँ। ‘गुणवत्तटा’ हमटारटा सटामडहक मंत्र िन जटातिी
x संसिानों और नीबत-बनमात्तताओं के है तिि ‘डवकडसति भटारति’ केवल एक सपनटा
ब्लए: गुणवत्तटा अवसंरचनटा, प्मटाणन नहीं अडपतिु एक ‘अपररहटाय्ष गनतिवय’ िन
ु
प्णटाडलयटाँ, परीक्षण सडवधटाएँ और जटातिटा है।
31 31

