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प्रध़ानमत्री  जी  :  मेरी  तरफ़  स  े  ि़ा। चबजय़ाश़ाचत जी कमल के रेशों से
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          आपको और ग़ाँव के सभी चकस़ानों को   कपड़े बऩाती हैं। ‘मन की ब़ात’ में उनके
          और  आपके  स़ाि  क़ाम  कर  रहे  सभी   इस  अनोखे  इको-फ्रेंडली  आइचडय़ा  की
          स़ाचियों को भी मेरी तरि से बहुत-बहुत   ब़ात  हुई  तो  उनक़ा  क़ाम  और  पोपुलर
          शुभक़ामऩाएँ, धनयव़ा् भैय़ा।      हो गय़ा। आज चबजय़ाश़ाचत जी फ़ोन पर
                                                              ं
              मंजूर जी : धनयव़ा् सर।        हम़ारे स़ाि हैं–
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              स़ाचियो, हम़ारे ्ेश में ऐसे चकतने ही   प्रध़ानमत्री जी : नमसत चबजय़ाश़ाचत
                                                                       ं
          प्रचतभ़ाश़ाली लोग हैं, जो अपनी मेहनत के   जी ! How are you?
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          बलबूते ही सिलत़ा के चशखर तक पहि  े   चबजय़ाश़ाचत जी : Sir, I am fine.
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          हैं। मुझे य़ा् है, चवश़ाख़ापट्टनम के वेंकि   प्रध़ानमत्री जी : and how’s your
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          मुरली  प्रस़ा्  जी  ने  एक  आतमचनभ्वर   work going on?
          भ़ारत ि़ािटि शेयर चकय़ा ि़ा। उनहोंने बत़ाय़ा   चबजय़ाश़ाचत जी : Sir, still working
                                                      ं
          ि़ा चक वो कैसे ़जय़ा़्ा-से-़जय़ा़्ा भ़ारतीय   along with my 30 women.
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                                    े
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          प्रोडकटस ही इसतम़ाल करेंगे। जब बचतय़ा   प्रध़ानमत्री जी : in such a short
          के प्रमो् जी ने एलईडी बलब बऩाने की   period  you  have  reached  30
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          ्ोिी यचनि लग़ाई य़ा गढ़मुकतशवर के   persons team !
          संतोष जी ने मैटस बऩाने क़ा क़ाम चकय़ा,   चबजय़ाश़ांचत  जी  :  Yes  sir,  this
          ‘मन की ब़ात’ ही उनके उतप़ा्ों को सबके   year also more expand with 100
          स़ामने ल़ाने क़ा म़ाधयम बऩा। हमने मेक   women in my area.
                                                     ं
          इन इचडय़ा के अनेक उ़्ाहरणों से लेकर   प्रध़ानमत्री जी : So your  target is
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          सपस सि़ािटि-अपस तक की िि़ा्व ‘मन की   100 women.
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          ब़ात’ में की है।                     चबजय़ाश़ाचत जी : Yaa! 100 women.
              स़ाचियो,  आपको  य़ा्  होग़ा,  कु्   प्रध़ानमत्री जी : and now people
                                                     ं
          एचपसोड  पहले  मैंने  मचणपुर  की  बहन   are  familiar  with  this  lotus  stem
          चबजय़ाश़ाचत ्ेवी जी क़ा भी चजक्र चकय़ा   fiber.
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