Page 65 - MANN KI BAAT (Hindi)
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आखथ्षक  सिायत्तता  के  खबना  भारत  की   खलए की गई थी जो भारत की मुककत में
          सितंत्रता  अधूरी  है।  राषट्रीय  योजना   सहायता करे। सुभाष चंद्र बोस के नेतृति
          सखमखत  के  काम  ने  कई  आखथ्षक    में भारतीय सेना को खब्खटश सेनाओं के
          नीखतयों  के  खलए  आधार  तैयार  खकया,   खिलाफ  लड़ने  के  खलए  प्रखशखक्षत  और
                                                                  ँ
          खजनहें सितंत्रता के बाि अपनाया गया।   संगखठत खकया गया था। हालाखक अपन  े
          हालाँखक 1939 में कांरिेस नेतृति से बोस   शुरुआती खिनों में इस सेना ने कभी बड़ी
                                                                  े
          के इसतीफे के बाि सखमखत को भंग कर   युद्धक  कार्षिाई  नहीं  की,  लखकन  यह
          खिया गया था।                      बोस के सितंत्रता प्राकपत के अपरमपरागत
              भारतीय  सेना  :  सितंत्रता  के  खलए   िकषटकोण का प्रतीक थी। इस सेना के
                                             ृ
          सशसत्र संघष ्ष                    खनमा्षण  ने  भारत  की  औपखनिेखशक
              भारतीय  सितंत्रता  के  संघष्ष  में   जंजीरों को तोड़ने के खलए हर समभि
          शायि सुभाष चंद्र बोस के सबसे साहसी   रासता तलाशने, यहाँ तक खक खब्टेन के
          किमों  में  से  एक  ‘भारतीय  सेना’   खिरोखधयों  के  साथ  सहयोग  करने  की
          (खजसे  ‘आज़ाि  खहनि  सेना’  के  रूप  में   उनकी इचछा को प्रिखश्षत खकया।
          भी जाना जाता है) का गठन था। 1942     यह  सेना  बाि  में  भारतीय  राषट्रीय
          में  खद्तीय  खिशि  युद्ध  के  िौरान  धुरी   सेना  (आईएनए)  का  खहससा  बन  गई।
          शककतयों से सहयोग माँगते हुए उनहोंन  े  इसका नेतृति सुभाष चंद्र बोस ने खब्खटश
          नाजी  जम्षनी  को  भारत  की  सितंत्रता   शासन  के  खिलाफ  सशसत्र  प्रखतरोध
          की  लड़ाई  में  सहयोग  करने  के  खलए   की समभािना में िृढ़ खिशिास के साथ
          राज़ी खकया। भारतीय सेना, जो शुरू में   खकया।  भारतीय  राषट्रीय  सेना  बोस  की
          उत्तरी  अफ्ीका  में  जम्षनी  द्ारा  पकड़े   प्रखतबद्धता और भारत की सितंत्रता की
          गए भारतीय युद्धबखियों से बनी थी, की   लड़ाई में पारमपररक तरीकों से अलग
                        ं
          सथापना एक सैनय बल के आयोजन के     सोचने की उनकी क्षमता का प्रमाण है।

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