Page 25 - Mann Ki Baat (Hindi)
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व््यक्त वक्या। उन्होंने इस पहल म व््यापक
भािीदारोी परो प्काश डालते हुए कहा,
“करोोिों ्यिाओं का इस पहल से जिना...
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्यिा शत्क्त की इतनी व््यापक भािीदारोी
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अभूतपिमा है।” प्धानमत्री ने ्यिाओं को
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ित्श्िक ज्ान को भारोत की विरोासत के
साथ जोिने के वलए प्ो्वसावहत वक्या
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औरो िवदक िाक््य ‘आनो भद्ररः कतिो ्यन्त ु अभूतपिमा भािीदारोी संभि हो पाई। VBYLD
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विश्ितरः’ (सभी वदशाओं से शुभ विचारो की सिलता का कारोण है इसे एक सीवमत
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आएं) उद्त करोते हुए सलाह दी, “आपको सवमनारो के बजा्य एक जन-आंदोलन के
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दवन्या भरो की सिवोत्तम प्थाओं से सीखना रूप म त्यारो वक्या जाना। इसकी शुरुआत
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चावहए, लवकन अपनी विरोासत औरो विचारोों िमीनी-स्तरो से व््यापक प्वत्योविताओं के
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को कम आंकने की प्िवत्त को कभी हािी माध््यम से होती है। MYBharat पोट्टल परो
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न होने द।” आ्योवजत प्ारोत्म्भक ‘विकवसत भारोत त्क्िि’
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जन आंदोलन के रूप म सिाद म 5 लाख से अवधक ्यिा भारोती्यों ने भाि
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की मूलभूत रूपरोेखा के कारोण ही इतनी वल्या। 12 भाषाओं म आ्योवजत इस त्क्िि
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