Page 18 - Mann Ki Baat - Hindi
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से  चमपारण  का  ऐड़तहाड़सक  सतयाग्रह   सवतंत्रता संग्राम की लड़ाई के कई और

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        शुरू हुआ। ‘चमपारण सतयाग्रह’, ये बापू   अड़मट अधयाय जुड़े हुए हैं। अप्ल की 6
        द्ारा भारत में पहला बड़ा प्योग था। बापू   तारीख को ही गाँधीजी की ‘दांरी यात्रा’

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        के सतयाग्रह से पूरी अंग्रेज हुकमत ड़हल   संपन् हुई थी। 12 माच्द से शुरू होकर
        गई। अंग्रेजों को नील की खेती के ड़लए   24 ड़दनों तक चली इस यात्रा ने अंग्रेजों
                                                                      ै
        ड़कसानों को मज़बूर करने वाले कानून   को झकझोर कर रख ड़दया था। अप्ल
        को  सथड़गत  करना  पड़ा।  ये  एक  ऐसी   में ही जड़लयाँवाला बाग नरसंहार हुआ
        जीत  थी  ड़जसने  आज़ादी  की  लड़ाई  में   था। पंजाब की धरती पर इस र्तरंड़जत

        नया  ड़वशवास  िकूँका।  आप  सब  जानते   इड़तहास के ड़नशान आज भी मौजूद हैं।
        होंगे  इस  सतयाग्रह  में  बड़ा  योगदान   साड़थयो,  कु्  ही  ड़दनों  में,  10  मई

        ड़बहार के एक और सपूत का भी था, जो   को प्थम सवतंत्रता संग्राम की वष्दगाँठ

        आज़ादी के बाद देश के पहले राष्ट्रपड़त   भी आने वाली है। आज़ादी की उस पहली
        बने।  वो  महान  ड़वभूड़त  थे-  रॉ.  राजेनद्र     लड़ाई में जो ड़चंगारी उठी थी, वो आगे

        प्साद।  उनहोंने  ‘चमपारण  सतयाग्रह’   चलकर लाखों सेनाड़नयों के ड़लए मशाल

                                                          ै
        पर एक ड़कताब भी ड़लखी- ‘Satyagraha   बन गई। अभी 26 अप्ल को हमने 1857
        in  Champaran’,  ये  ड़कताब  हर  युवा  को   की  क्ांड़त  के  महान  नायक  बाबू  वीर

        पढ़नी चाड़हए। भाईयो-बहनो, अप्ल में ही   कुँवर  ड़संहजी  की  पुणयड़तड़थ  भी  मनाई
                                ै


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