Page 16 - Mann Ki Baat - Hindi
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वाले श्री शैल तेलीजी ने मैदानों में सेब एक उदाहरण केरल के वायनार का
उगा ड़दया है। उनके कुलाली गाँव में 35 है। यहाँ भी केसर उगाने में सिलता
ड़रग्री से ़जयादा तापमान में भी सेब के पेड़ ड़मली है, और वायनार में ये केसर ड़कसी
िल देने लगे हैं। दरअसल श्री शैल तेली खेत या ड़मट्टी में नहीं बकलक Aeroponics
को खेती का शौक था तो उनहोंने सेब Technique से उगाए जा रहे हैं। कु् ऐसा
की खेती को भी आजमाने की कोड़शश ही हैरत भरा काम लीची की पैदावार के
की और उनहें इसमें सिलता भी ड़मल साथ हुआ है। हम तो सुनते आ रहे थे ड़क
गई। आज उनके लगाए सेब के पेड़ों पर लीची ड़बहार, पकशचम बंगाल या झारखंर
कािी मात्रा में सेब उगते हैं ड़जसे बेचने में उगती है, लेड़कन अब लीची का
से उनहें अच्ी कमाई भी हो रही है। उतपादन दड़क्ण भारत और राजसथान
साड़थयो, अब जब सेबों की चचा्द हो में भी हो रहा है। तड़मलनारु के ड़थरु
रही है, तो आपने ड़कन्ौरी सेब का नाम वीरा अरासु कॉिी की खेती करते थे।
ज़रूर सुन होगा। सेब के ड़लए मशहूर कोरईकनाल में उनहोंने लीची के पेड़
ड़कन्ौर में केसर का उतपादन होने लगाए और उनकी 7 साल की मेहनत
लगा है। आमतौर पर ड़हमाचल में केसर के बाद अब उन पेड़ों पर िल आने लगे।
की खेती कम ही होती थी, लेड़कन अब लीची उगाने में ड़मली सिलता ने आस-
े
ड़कन्ौर की खूबसूरत सांगला घाटी में पास के दूसरे ड़कसानों को भी प्ररत ड़कया
भी केसर की खेती होने लगी। ऐसा ही है। राजसथान में ड़जतेनद्र ड़संह राणावत
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