Page 15 - Mann Ki Baat - Hindi
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साड़थयो, पेड़ों से शीतलता ड़मलती है, हैं। अहमदाबाद में लगे पेड़ वहाँ नई
पेड़ों की ्ाँव में गममी से राहत ड़मलती है, खुशहाली लाने की वजह बन रहे हैं। मेरा
ये हम सब जानते हैं लेड़कन बीते ड़दनों आप सबसे ड़िर आग्रह है ड़क धरती की
मैंने इसी से जुड़ी एक और ऐसी खबर सेहत ठीक रखने के ड़लए Climate Change
देखी ड़जसने मेरा धयान खींचा। गुजरात की चुनौड़तयों से ड़नपटने के ड़लए और
के अहमदाबाद शहर में ड़प्ले कु् वषयों अपने बच्ों का भड़वष्य सुरड़क्त करने के
में 70 लाख से ़जयादा पेड़ लगाए गए हैं। ड़लए पेड़ ज़रूर लगाएँ ‘एक पेड़ - माँ के
इन पेड़ों ने अहमदाबाद में green area नाम’।
कािी बढ़ा ड़दया है। इसके साथ-साथ, साड़थयो, एक बड़ी पुरानी कहावत
साबरमती नदी पर River Front बनने से है ‘जहाँ चाह-वहाँ राह’। जब हम कु्
और कांकररया झील जैसे कु् झीलों के नया करने की ठान लेते हैं, तो मंड़जल भी
पुनड़न्दमा्दण से यहाँ water bodies की संखया ज़रूर ड़मलती है। आपने पहाड़ों में उगने
भी बढ़ गई है। अब news reports कहती वाले सेब तो खूब खाए होंगे। लेड़कन,
हैं ड़क बीते कु् वषयों में अहमदाबाद अगर मैं पु्ूँ ड़क ्या आपने कना्दटक
global warming से लड़ाई लड़ने वाले के सेब का सवाद चखा है ? तो आप हैरान
प्मुख शहरों में से एक हो गया है। इस हो जाएँगे। आमतौर पर हम समझते हैं
बदलाव को, वातावरण में आई शीतलता ड़क सेब की पैदावार पहाड़ों में ही होती है।
को, वहाँ के लोग भी महसूस कर रहे लेड़कन कना्दटक के बागलकोट में रहने
11 11
9.9 Km
11.2 Km
IRSDC Rail Hub Flower Park Event Ground Vasna Barrage
Context & Vision
Integrated upstream of Phase 1, the Sabarmati Riverfront Phase 2 will extend up to Indira Bridge.
The project aims to add approximately 6 km of Riverfront Development to presently undeveloped river banks and surroundings. The project envisions to create a large fresh water reservoir for the city as well as to add green
embankments, activity areas and high quality public amenities along both banks. The project will also strengthen the city’s transport network by adding a grid of riverfront streets.

