Page 38 - Man Ki Baat Nov 2024 (Hindi)
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परम्परा से प्ररौद्ोगगकी िक


                     युवा नेिृत्व और भारि की द्डजजटल कांति





                                          तक  के  हवषयों  पि  ज्ाान  हदया।  इन
                                          हशक्ाओं को हलहखत रप में दज्य हकए

                                          जाने  से  बिुत  पिले  मौहखक  रप  स  े
                                          औि संवाद के माधयम से साझा हकया
                                          जाता था, हजससे हवशवास, सीखने औि
                                          हवकास को बढ़ावा हमलता था।
                                                2024  तक  तज़ी  से  आगे  बढ़त  े
                                                         े
                 लहलता नटिाज              िुए  हशक्ण  का  लोकाचाि  हनबा्यधि  रप
         सीईओ, एनपीसीआई भीम सहव्यसेज      से हरहजटल युग में परिवहत्यत िो गया
                 हलहमट़ेर (NBSL)          िै। आज भाित के युवा ‘प्रौद्ोहगकी के
                                          गुरु’ के रप में गुरु-हशष्य पिमपिा की
                                                    ू
                                          भावना को मत्य रप दे ििे िैं, हजससे न
                                          केवल  उनके  परिवाि,  बबलक  देश  भि
                                          के समुदाय भी हरहजटल समावेशन के
                                          लाभों को अपनाने के हलए सश्त िो
                                          ििे िैं।
                                              हरहजटल समावेशन :
                                              सामाहजक हवकास का माग्य

                                              हरहजटल  समावेशन  का  अथ्य  यि
                        ृ
            भाित  का  समधि  इहतिास  गुरु-  सहनबशचत  किना  िै  हक  आयु,  हलंग,
                                           ु
        हशष्य  पिमपिा  जैसी  हशक्ण  पधिहत   सथान या सामाहजक-आहथ्यक पष्ठभहम
                                                                  ृ
                                                                     ू
                                  ं
        पि  आधिारित  िै,  जिाँ  ज्ाान  िसतातिण   की  पिवाि  हकए  हबना,  प्रतयक  वयब्त
                                                                े
            ं
        अतयत  वयब्तगत  औि  गिन  काय्य     को हरहजटल तकनीक के प्रभावी ढंग स  े
        था। गुरुओं ने वेदों औि िामायण तथा   उपयोग की सुलभता औि क्मता िाहसल
        मिाभाित  जैसे  मिाकावयों  से  लेकि   िो। बुजगगों, छोट़े पैमाने के हकसानों औि
                                                ु
        गहणत,  खगोल  हवज्ाान  औि  आयुवदेद   अधि्य-कुशल मजदिों जैसे वहचत समिों
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