Page 51 - MANN KI BAAT (Hindi)
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हाल ही में गुरु घासीिास–तमोरखपंगला (छत्तीसगढ़) और रातापानी
          (मधयप्रिेश)  को  नया  टाइगर  ररज़ि्ष  घोखषत  खकया  गया  है।  घासीिास–
          तमोरखपंगला 2,829 िग्ष खकमी में फैला है।


              उत्तरािंड  का  खजम  कॉबदेट  नेशनल  पाक्क  भारत  का  सबसे  पुराना
          नेशनल पाक्क है, जो 1936 में बना था। यहाँ की घनी हररयाली, बहती नखियाँ
          और पहाड़ बाघों के खलए बेहतरीन खठकाना हैं। अगर आप िुश खकसमत हैं
                                                      े
          तो जंगल सफारी के िौरान यहाँ बाघों को िुले में घूमते हुए िि सकते हैं।

              मधय प्रिेश का कानहा नेशनल पाक्क बहुत मशहूर है। यही िो जंगल
          है खजसने रुडयाड्ट खकपखलंग को मशहूर खकताब ‘ि जंगल बुक’ की प्रेरणा
          िी थी। यहाँ के जंगलों में बाघ के अलािा खहरण, तेंिुए और जंगली कुत्ते भी
          ििे जा सकते हैं।
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              मधय प्रिेश में ही बांधिगढ़ टाइगर ररज़ि्ष भी है जो सबसे ़जयािा बाघों
          की संखया के खलए जाना जाता है। यहाँ का जंगल पहाखड़यों और पुराने
          ख़िलों से भरा है, खजससे इसका नज़ारा बेहि खिलचसप बन जाता है।


              ताडोबा-अंधारी टाइगर ररज़ि्ष महाराषट्र का सबसे पुराना और बड़ा
                                  े
          टाइगर ररज़ि्ष है। इसे बाघों को ििने के खलए सबसे बेहतरीन जगह माना
          जाता है। यहाँ के जंगल सूिे और िुले होते हैं, इसखलए सफारी के िौरान
          बाघ आसानी से नज़र आ जाते हैं।


              िखक्षण भारत में कना्षटक का बांिीपुर टाइगर ररजि्ष हाखथयों और
          बाघों के खलए मशहूर है। यहाँ की हररयाली और शांत माहौल इसे िास
          बनाते हैं।


              उत्तर-पूि्ष भारत के असम राजय में मानस नेशनल पाक्क एक युनेसको
          िलड्ट हेररटेज साइट भी है। यहाँ बाघों के साथ-साथ हाथी और एक सींग
          िाले गैंडे भी खमलते हैं। मानस निी के खकनारे बसा यह जंगल अपनी
          अनोिी िूबसूरती के खलए मशहूर है।

              प्रोजेकट  टाइगर  1973  में  शुरू  हुआ  था  और  आज  यह  एक  बड़ी
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          कामयाबी की इबारत खलि चुका है। िखनया के 75% बाघ भारत में रहते
          हैं। सरकार और लोगों की कोखशशों के नतीजे में आज बाघों की संखया
          लगातार बढ़ रही है।

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