Page 21 - Mann Ki Baat Hindi
P. 21
प्भा् के बारे में लोगों की समझ को प््ोगशालाओं, तारामंडल, अंतररक्
बढ़ाता है और ्ैज्ाादनक न्ाचार तथा केंद्रों ्ा इसी तरह के सथानों पर एक दिन
ु
तकनीकी प्गदत पर प्काश डालता है। दबताकर ्ैज्ाादनक समिा् से जुड़ने के
ु
्ह ््ाओं को द्ज्ाान में करर्र बनान े दलए आमदत्रत करता है, दजससे उनहें
ं
के दलए प्ोतसादहत भी करता है। भारत द्ज्ाान के क्त्र में व्ा्हाररक अनुभ्
े
में हर साल ्ह दि्स द्द्ाथजी, दशक्क, दमलते हैं। उनहोंने इस भागीिारी के
्ैज्ाादनक, शोधकतामा, सककूलों, कॉलेजों, महत्् पर प्काश डाला और कहा दक
ु
द्श्द्द्ाल्ों और अनुसंधान संगठनों ््ाओं में द्ज्ाान और प्ौद्ोदगकी में
ै
ै
सदहत द्दभन्न शक्दणक संसथानों द्ारा रुदच पिा करना राष्ट् की प्गदत के
मना्ा जाता है। दलए महत््पणमा है। उनका मानना है दक
ू
े
ं
प्धानमत्री नरनद्र मोिी ने ‘मन की इस तरह के अनुभ् उनमें दजज्ाासा
बात’ के हादल्ा एदपसोड में, 28 फर्री, और उतसाह को जगाएँगे, दजसके
2025 को राष्ट्ी् द्ज्ाान दि्स मनान े पररणामस्रूप ्ैज्ाादनक खोजों की
ै
के दलए ‘्न डे एज़ ए साइदटसट’ ्ानी अदधक समझ पिा होगी और इनकी
ं
एक दिन ्ैज्ाादनक के रूप में मनान े अदधक प्शंसा भी होगी। एक दनलशचत
की एक प्रक पहल का उ्लख दक्ा। दतदथ ्ाले का्मारिम के द्परीत, ‘एक
े
े
ु
्ह का्मारिम ््ाओं को अनुसंधान दिन ्ैज्ाादनक के रूप में’ िेश भर के
17 17

